इंफ्रा ट्रैकर
गंगा एक्सप्रेसवे — हरदोई, उन्नाव, रायबरेली के इंटरचेंज, टोल और रूट
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी का गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। प्रधानमंत्री ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई जिले में इसका उद्घाटन किया। SCR के तीन जिले — हरदोई, उन्नाव और रायबरेली — इस पर हैं।
जानकारी जांची गई:
गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी के मेरठ से पूर्वी यूपी के प्रयागराज तक 594 किमी लंबा है। इसे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने बनवाया है। प्रधानमंत्री ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई जिले में इसका उद्घाटन किया।1 यह 12 जिलों से गुज़रता है, जिनमें SCR के हरदोई, उन्नाव और रायबरेली शामिल हैं।1
एक नज़र में
| क्या | जानकारी |
|---|---|
| लंबाई | करीब 594 किमी (UPEIDA के चयन नोटिस में 593.947 किमी)2 |
| लेन | 6 लेन; पुल और ढांचे 8 लेन की चौड़ाई के बने हैं2 |
| लागत | करीब 36,402 करोड़ रुपये (आजतक)3; UPEIDA की साइट पर कुल लागत नहीं दी गई |
| बनाने वाली संस्था | UPEIDA; PPP (DBFOT) मॉडल। ग्रुप-I IRB इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रुप II–IV अडानी एंटरप्राइज़ेज़2 |
| शुरुआत / उद्घाटन | शिलान्यास 18 दिसंबर 2021, शाहजहांपुर; उद्घाटन 29 अप्रैल 2026, श्यामपुर गांव, बिलग्राम तहसील, हरदोई2 |
| स्थिति | चालू |
| SCR के जिले | हरदोई, उन्नाव, रायबरेली1 |
रूट: मेरठ से प्रयागराज
एक्सप्रेसवे मेरठ जिले से शुरू होकर प्रयागराज बाईपास (NH-2) पर ख़त्म होता है।2 रास्ते के 12 जिले हैं: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।1
सड़क के लिए 120 मीटर चौड़ी ज़मीन (राइट ऑफ़ वे) रखी गई है। आसपास के गांवों के लिए एक तरफ़ 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड है।2 शाहजहांपुर में वायुसेना के विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी बनी है।1
SCR जिलों में कहां से चढ़ें
उद्घाटन से एक दिन पहले आई रिपोर्ट के मुताबिक पूरे रास्ते पर 21 इंटरचेंज हैं।3 SCR के तीन जिलों में ये सात इंटरचेंज हैं:
| जिला | इंटरचेंज | जगह |
|---|---|---|
| हरदोई | फ़र्रुख़ाबाद–शाहाबाद रोड (SH-138) | — |
| हरदोई | कन्नौज–हरदोई रोड (SH-21) | बिलग्राम तहसील |
| हरदोई | मेहंदीघाट–संडीला रोड (SH-137) | मल्लावां गांव, बिलग्राम तहसील |
| उन्नाव | आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ाव | नवाबगंज ग्रांट गांव, सफ़ीपुर तहसील |
| उन्नाव | कानपुर–लखनऊ रोड (NH-27) | सोनिक गांव, उन्नाव तहसील |
| रायबरेली | लालगंज–रायबरेली रोड (NH-31) | अहिर गांव, डलमऊ तहसील |
| रायबरेली | रायबरेली–ऊंचाहार रोड (NH-30) | ऊंचाहार तहसील |
स्रोत: आजतक, 28 अप्रैल 20263। इन जगहों को नक्शे पर देखने के लिए SCR नक्शा खोलें।
सफ़र का समय और टोल
आकाशवाणी के मुताबिक मेरठ से प्रयागराज का सफ़र करीब 12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे का हुआ है।1 डिज़ाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा है।4
टोल दूरी के हिसाब से लगता है, यानी आप जिस इंटरचेंज से चढ़ें और जहां उतरें, उतनी दूरी का। रकम FASTag से अपने आप कटती है। उद्घाटन के समय बताई गई दरें:4
| वाहन | दर (रुपये प्रति किमी) |
|---|---|
| दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टर | 1.28 |
| कार, जीप, वैन, हल्के मोटर वाहन | 2.50 |
| हल्के व्यावसायिक वाहन, मिनी बस | 4.05 |
| बस, ट्रक | 8.20 |
| मल्टी-एक्सल, भारी मशीनें | 12.60 |
| ओवरसाइज़ वाहन | 16.10 |
आपके लिए इसका मतलब
- हरदोई के लिए: बिलग्राम और शाहाबाद की ओर के इलाकों को पश्चिमी यूपी और प्रयागराज तक सीधा तेज़ रास्ता मिला है। उद्घाटन भी इसी जिले में हुआ।
- उन्नाव के लिए: उन्नाव ऐसा जिला है जहां से तीन बड़े रास्ते मिलते हैं — गंगा एक्सप्रेसवे, आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे और NH-27। लखनऊ–कानपुर के बीच का नया लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे भी इसी जिले से गुज़रता है।
- रायबरेली के लिए: डलमऊ और ऊंचाहार की ओर से प्रयागराज और पश्चिमी यूपी जाना आसान हुआ है।
- लखनऊ के लोगों के लिए: लखनऊ से आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे लेकर उन्नाव के नवाबगंज ग्रांट इंटरचेंज से गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंचा जा सकता है।
- कारोबार और खेती: आकाशवाणी के मुताबिक एक्सप्रेसवे से उद्योग, लॉजिस्टिक्स, कृषि उपज की बिक्री, व्यापार, पर्यटन और रोज़गार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।1
एक्सप्रेसवे के आसपास किसी "औद्योगिक कॉरिडोर" या प्लॉट स्कीम का दावा हो तो पहले UPEIDA या संबंधित प्राधिकरण से पुष्टि करें। बाकी प्रोजेक्ट के लिए इंफ्रा ट्रैकर देखें।