टूल्स
लखनऊ गांव खोज — कौन सा गांव किस तहसील और प्राधिकरण (LDA, UPSIDA, नगर निगम) में
गांव का नाम हिंदी या अंग्रेज़ी में लिखें। उसकी तहसील, ब्लॉक और प्राधिकरण दिखेगा। जिस गांव का प्राधिकरण किसी आधिकारिक दस्तावेज़ से पक्का नहीं हुआ, उसे हमने ‘पुष्टि बाकी’ लिखा है — अंदाज़ा नहीं लगाया।
जानकारी जांची गई: | एससीआर टाइम्स
लखनऊ जिले के सभी 807 राजस्व गांव (जनगणना 2011) इस टूल में हैं।1 इनमें से 38 गांवों का नाम LDA की योजनाओं या उसके स्वीकृत ले-आउट के आधिकारिक दस्तावेज़ों में मिला है, इसलिए उन्हें ‘LDA विकास क्षेत्र’ में दिखाया गया है।2345 बाकी 769 गांवों का प्राधिकरण अभी किसी आधिकारिक दस्तावेज़ से नाम के साथ पक्का नहीं हुआ है। नई अधिसूचना मिलते ही हम सूची अपडेट करेंगे।
प्राधिकरण का मतलब
| प्राधिकरण | आपके लिए इसका मतलब |
|---|---|
| LDA विकास क्षेत्र | मकान का नक्शा, ले-आउट और ज़मीन का इस्तेमाल LDA के नियमों और लखनऊ मास्टर प्लान 2031 के भू-उपयोग से तय होता है। नक्शा LDA से पास होता है। ब्योरा: LDA और नक्शा पास कैसे होता है। |
| UPSIDA (औद्योगिक क्षेत्र) | औद्योगिक विकास के लिए अधिसूचित इलाका। यहां प्लॉट और निर्माण के नियम UPSIDA तय करता है। ब्योरा: UPSIDA। |
| नगर निगम सीमा | हाउस टैक्स, सफ़ाई, नाली और ज़्यादातर सड़कें लखनऊ नगर निगम के पास। नगर निगम का इलाका भी LDA विकास क्षेत्र में आता है, इसलिए नक्शा फिर भी LDA से पास होता है।6 |
| इनमें से कोई नहीं (ग्रामीण) | किसी शहरी विकास प्राधिकरण या नगर निगम का दायरा नहीं; गांव ग्राम पंचायत में है। इस श्रेणी के लिए भी आधिकारिक पुष्टि चाहिए, इसलिए अभी कोई गांव इसमें नहीं रखा गया। |
| पुष्टि बाकी | प्राधिकरण किसी आधिकारिक दस्तावेज़ से नाम के साथ पक्का नहीं हुआ। अंदाज़ा नहीं लगाया गया है। |
LDA का विकास क्षेत्र कैसे बढ़ा
LDA की महायोजना-2031 रिपोर्ट में विकास क्षेत्र का पूरा इतिहास दर्ज है:6
| तारीख़ | क्या हुआ |
|---|---|
| 11 सितंबर 1974 | छावनी और सेना की ज़मीन छोड़कर, नगर निगम सीमा से 8 किमी तक का इलाका लखनऊ विकास क्षेत्र घोषित हुआ। |
| 6 जनवरी 1999 | अयोध्या और सीतापुर मार्ग के 16 गांव जोड़े गए। |
| 27 जनवरी 2009 | लखनऊ जनपद के 197 नए गांव जोड़े गए। इनमें से 37 गांव UPSIDA क्षेत्र में भी अधिसूचित हैं। बाकी 160 गांवों से विकास क्षेत्र 39,179 हेक्टेयर बढ़ा। |
| 19 नवंबर 2014 | आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे के रास्ते में आने वाले 16 गांव जोड़े गए। |
| 19 दिसंबर 2016 | शासन ने लखनऊ महायोजना-2031 मंज़ूर की। |
रिपोर्ट विकास क्षेत्र के ग्रामीण हिस्से को ‘277 ग्राम’ लिखती है, पर इन गांवों के नाम की सूची उसमें नहीं है।6 UPSIDA वाले 37 गांवों के बारे में रिपोर्ट कहती है कि महायोजना-2031 में इनके लिए कोई शहरी भू-उपयोग प्रस्तावित नहीं है, सिर्फ़ कुछ सड़कों के प्रस्ताव हैं।6 2016 वाली रिपोर्ट में इन्हीं 37 गांवों को लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (LIDA) के अंतर्गत बताया गया था।7 समाचार रिपोर्ट के मुताबिक़ मार्च 2021 में राज्य सरकार ने LIDA को UPSIDA में मिला दिया।8
हमने डेटा कैसे जुटाया
- गांव, तहसील और ब्लॉक: जनगणना 2011 की जिला जनगणना पुस्तिका की गांव निर्देशिका।1 तहसीलवार जोड़ (205, 229, 187, 186) लखनऊ जिला पेज के आंकड़ों से मेल खाता है। तहसील और ब्लॉक 2011 के हैं। सरोजनीनगर तहसील उसके बाद बनी, इसलिए ‘लखनऊ (सदर)’ में दिखे कुछ गांव आज सरोजनीनगर तहसील में हो सकते हैं।
- हिंदी नाम: जनगणना की सूची अंग्रेज़ी में है। हिंदी नाम हमने उसी से लिप्यंतरण करके लिखे हैं; LDA दस्तावेज़ वाले गांवों में दस्तावेज़ की वर्तनी ली है। खतौनी में वर्तनी अलग हो सकती है, इसलिए अंग्रेज़ी नाम भी साथ दिखता है।
- LDA विकास क्षेत्र (38 गांव): आई.टी. सिटी योजना की भूमि अर्जन अधिसूचना (3 फ़रवरी 2025) के 9 गांव2, वरुण विहार योजना के 12 गांव3, नैमिष नगर योजना के 15 गांव4, और LDA से स्वीकृत ले-आउट वाले 2 गांव (मस्तेमऊ, अहमामऊ)5। LDA अपनी योजना अपने विकास क्षेत्र में ही लाता है, इसलिए ये गांव (कम से कम आंशिक रूप से) उसके विकास क्षेत्र में हैं।
- जो मेल नहीं खाए: आई.टी. सिटी अधिसूचना का ‘भटवारा’ — मोहनलालगंज तहसील में इस नाम के दो गांव हैं, इसलिए दोनों ‘पुष्टि बाकी’ हैं। नैमिष नगर के ‘भौली’, ‘गोपरामऊ’ और ‘उमरभारी’ जनगणना 2011 की सूची में अलग गांव के रूप में नहीं मिले।
- नगर निगम: 2022 की एक समाचार रिपोर्ट के मुताबिक़ नगर निगम के 7 नए वार्डों में वे 88 गांव हैं जो कुछ साल पहले निगम में जोड़े गए थे।9 जिस आधिकारिक अधिसूचना से ये गांव जुड़े, वह हमें खुले रूप में नहीं मिली। इसलिए रिपोर्ट में नाम वाले 20 गांवों पर हमने सिर्फ़ एक टिप्पणी जोड़ी है; उनकी श्रेणी ‘पुष्टि बाकी’ ही है।
- UPSIDA: 37 गांवों की संख्या आधिकारिक है, पर नाम नहीं मिले। नाम वाली सूची मिलते ही उन्हें जोड़ेंगे।
ज़रूरी सावधानी
यह टूल शुरुआती जानकारी के लिए है, कानूनी प्रमाण नहीं। प्लॉट ख़रीदने, नक्शा पास कराने या किसी सौदे से पहले LDA, UPSIDA, नगर निगम या तहसील से लिखित पुष्टि लें। ज़मीन का रिकॉर्ड खतौनी में देखें, और एक गांव का कुछ हिस्सा एक प्राधिकरण में और कुछ बाहर भी हो सकता है — इसलिए खसरा नंबर से जांच करें। गलती दिखे तो हमें बताएं।
यह टूल आपके ब्राउज़र में चलता है; आपकी खोज हमारे पास नहीं आती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लखनऊ जिले में कितने गांव हैं?
मेरा गांव LDA में है या नहीं, यह पक्का कैसे पता करें?
LDA के विकास क्षेत्र में कितने गांव हैं?
क्या लखनऊ के कुछ गांव UPSIDA के पास हैं?
टूल में मेरा गांव ‘पुष्टि बाकी’ क्यों दिख रहा है?
स्रोत
- जनगणना 2011 — जिला जनगणना पुस्तिका, लखनऊ, और उत्तर प्रदेश की गांव निर्देशिका (Village Amenities) — भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय
- आई.टी. सिटी आवासीय योजना: भूमि अर्जन की प्रारंभिक अधिसूचना, आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3, 3 फ़रवरी 2025 — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- वरुण विहार योजना — लखनऊ विकास प्राधिकरण; आगरा एक्सप्रेस-वे पर 5610 एकड़ में आवासीय योजना — LDA
- नैमिष नगर योजना — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- डाउनलोड आदेश: मस्तेमऊ और अहमामऊ के स्वीकृत ले-आउट — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- लखनऊ महायोजना-2031 (संशोधित कन्वर्जन) रिपोर्ट — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- लखनऊ महायोजना-2031 रिपोर्ट (2016) — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- UP government junks Mulayam-era LIDA, merges it with UPSIDA — वीरेंद्र सिंह रावत, 8 मार्च 2021
- Lucknow Municipal Corporation adds 7 new wards — Knocksense, 14 नवंबर 2022 (समाचार रिपोर्ट)