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खतौनी और खसरा क्या है — UP में खतौनी की नकल ऑनलाइन कैसे देखें
खसरा हर खेत या प्लॉट का रिकॉर्ड है: उसका नंबर, क्षेत्रफल और ब्योरा। खतौनी मालिकों का रिकॉर्ड है: किसके नाम कौन से प्लॉट हैं, कितना हिस्सा है और कोई देनदारी तो नहीं। उत्तर प्रदेश में खतौनी की नकल upbhulekh.gov.in पर मुफ़्त देखी जा सकती है।
जानकारी जांची गई:
खसरा हर गांव के हर खेत या प्लॉट का रिकॉर्ड है, और खतौनी उस गांव के ज़मीन-मालिकों का अधिकार-अभिलेख (रिकॉर्ड ऑफ़ राइट्स)। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 के तहत दोनों को जिले के कलेक्टर हर गांव के लिए रखते हैं।1 खतौनी की नकल राजस्व विभाग के पोर्टल upbhulekh.gov.in पर मुफ़्त देखी जा सकती है।23 गांव की ज़मीन ख़रीदने से पहले ये दोनों कागज़ सबसे पहले देखे जाते हैं।
खसरा और खतौनी में फ़र्क
| खसरा | खतौनी | |
|---|---|---|
| क़ानून | राजस्व संहिता की धारा 301 | राजस्व संहिता की धारा 311 |
| किसका रिकॉर्ड | प्लॉट (खेत) का | मालिक (खातेदार) का |
| पहचान | खसरा या गाटा संख्या2 | खाता संख्या, जिसमें एक मालिक के सभी प्लॉट होते हैं3 |
| क्या बताता है | प्लॉट का नंबर, क्षेत्रफल, ज़मीन का प्रकार और उपयोग2 | किसके नाम, कितना हिस्सा, किस अधिकार से, कोई देनदारी1 |
| साथ में | गांव का नक्शा (भू-नक्शा)1 | — |
सीधी बात: खसरा बताता है "ज़मीन कौन सी है", खतौनी बताती है "ज़मीन किसकी है"। एक को देखकर दूसरा नहीं छोड़ा जा सकता।
खतौनी में क्या दर्ज होता है
राजस्व संहिता की धारा 31 के मुताबिक़ हर गांव की खतौनी में ये बातें होती हैं:1
- खातेदारों के नाम, उनके प्लॉट (सर्वे) नंबर और क्षेत्रफल
- उनके अधिकार का प्रकार और सीमा, हिस्सेदारी, और कोई शर्त या देनदारी
- उनके द्वारा देय या उन्हें मिलने वाला लगान/राजस्व
- वह ज़मीन जो किसी की जोत नहीं है और राज्य, केंद्र, ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय की है
- नियमों में तय दूसरी बातें
सह-खातेदारों का हिस्सा भी नियमों के तहत तय होकर दर्ज होता है।1 खसरा और गांव का नक्शा कलेक्टर रखते हैं, और सीमा या सर्वे के बदलाव हर साल या तय अंतराल पर इनमें दर्ज होते हैं।1
खतौनी की नकल ऑनलाइन कैसे देखें
- upbhulekh.gov.in खोलें। पता .gov.in पर ख़त्म होना चाहिए; मिलते-जुलते नाम वाली निजी साइटों से बचें।3
- खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें विकल्प चुनें और कैप्चा भरें।3
- जनपद, फिर तहसील, फिर गांव चुनें।3
- खोज का तरीका चुनें: खसरा/गाटा संख्या, खाता संख्या या खातेदार का नाम।23
- खोजें और नतीजे में खाता खोलें। खातेदारों के नाम, हिस्सा, अधिकार का प्रकार, ज़मीन का प्रकार और देनदारी वाला कॉलम ध्यान से पढ़ें।3
ऑनलाइन देखने के लिए न पंजीकरण चाहिए, न फ़ीस।3 खसरा नंबर न पता हो तो पहले नाम से खोजें, फिर हर प्लॉट अलग खोलें।2
प्रमाणित प्रति: ऑनलाइन नकल जांच के लिए है। कोर्ट, बैंक लोन और दूसरे सरकारी कामों में तहसील से जारी प्रमाणित प्रति मांगी जाती है।3 राजस्व विभाग की धारा 80 सेवा में भी अद्यतन खतौनी और खसरे की प्रमाणित प्रति लगती है।4 फ़ीस और तरीके के लिए अपनी तहसील से पूछें।
नक्शा कहां देखें
- ग्रामीण ज़मीन: UP भू-नक्शा पोर्टल (upbhunaksha.gov.in) पर जनपद, तहसील, गांव और प्लॉट नंबर चुनकर।56
- शहरी संपत्ति: ई-नगरसेवा UP के GIS नक्शे (प्रॉपर्टी सर्च) पर।5
ज़मीन का क्षेत्रफल खतौनी में आम तौर पर हेक्टेयर में होता है।3 बीघा, बिस्वा या वर्ग फ़ुट में बदलने के लिए ज़मीन नाप कन्वर्टर इस्तेमाल करें।
रजिस्ट्री और दूसरे कामों में ज़रूरत
- खेती की ज़मीन की रजिस्ट्री में खसरा और खतौनी की प्रति, और 200 मीटर दायरे का राजस्व नक्शा उप-निबंधक कार्यालय में देना होता है।7 पूरी सूची रजिस्ट्री की प्रक्रिया पेज पर है।
- रजिस्ट्री में मूल्यांकन: खेती की ज़मीन के बैनामे में खसरा नंबर, क्षेत्रफल, सिंचाई और मिट्टी का प्रकार लिखना होता है, और सर्किल रेट उसी हिसाब से लगता है।8
- ख़रीद से पहले: स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की सलाह है कि विक्रेता की खतौनी तहसील के रिकॉर्ड से मिलाई जाए।9
- ख़रीद के बाद: नया नाम खतौनी में दाखिल-खारिज के आदेश से चढ़ता है।
ग़लती हो तो सुधार
राजस्व संहिता की धारा 32 के तहत SDM, तहसीलदार या राजस्व निरीक्षक खतौनी, खसरे और नक्शे में बदलाव दर्ज करते हैं और साबित ग़लतियां ठीक करते हैं। नक्शे का सुधार कलेक्टर के आदेश से होता है।1 सिर्फ़ कब्ज़े के आधार पर ऐसा सुधार नहीं मांगा जा सकता जिसमें मालिकाना हक़ का उलझा सवाल हो; उसके लिए अलग मुक़दमा होता है।1
आपके लिए इसका मतलब
- ज़मीन ख़रीदने वाले: खतौनी में विक्रेता का नाम, उसका हिस्सा और देनदारी वाला कॉलम ज़रूर देखें। कई सह-खातेदार हों तो सबकी सहमति ज़रूरी हो सकती है।
- खसरा नंबर बैनामे, खतौनी और भू-नक्शे, तीनों में एक जैसा होना चाहिए। फ़र्क दिखे तो सौदे से पहले तहसील में साफ़ करें।
- ज़मीन का उपयोग: खतौनी की श्रेणी राजस्व रिकॉर्ड है; उस पर क्या बन सकता है, यह मास्टर प्लान से तय होता है। देखें भू-उपयोग और ज़ोनिंग।
- बैंक लोन या कोर्ट के काम के लिए ऑनलाइन प्रिंट नहीं, प्रमाणित प्रति रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
खतौनी की नकल ऑनलाइन कैसे देखें?
क्या ऑनलाइन निकाली गई खतौनी हर जगह मान्य है?
खसरा नंबर और गाटा नंबर एक ही हैं?
खतौनी में नाम या हिस्सा ग़लत दर्ज है, तो क्या करें?
प्लॉट की सीमा नक्शे पर कहां देखें?
स्रोत
- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (अंग्रेज़ी पाठ) — धारा 30, 31, 32, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र. की वेबसाइट पर (PDF)
- Khasra UP Land 2026: Guide for Land Buyers — 1acre.in
- Khatauni UP 2026: Guide for Land Buyers — 1acre.in; पोर्टल: upbhulekh.gov.in
- Revenue — Change of Land Use (धारा 80 सेवा-जानकारी) — राजस्व विभाग, उ.प्र.
- IGRS उत्तर प्रदेश — मुख पृष्ठ (भू-नक्शा और शहरी GIS नक्शे के लिंक)
- UP भू-नक्शा पोर्टल
- विलेख पंजीकरण के समय उप निबन्धक कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेख — स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र. (PDF)
- उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्यांकन) नियमावली, 1997 — नियम 3, LegitQuest
- लेखपत्र पंजीकरण के पूर्व सामान्य सावधानियां — स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र. (PDF)