प्राधिकरण और विभाग
UPSIDA क्या है: लखनऊ SCR के औद्योगिक क्षेत्र, LDA के गांव और सेवाएं
UPSIDA उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास प्राधिकरण है, जो उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 की धारा 3 के तहत सितंबर 2001 में बना। लखनऊ मास्टर प्लान 2031 की रिपोर्ट के मुताबिक़ लखनऊ जिले के 37 गांव UPSIDA क्षेत्र में भी अधिसूचित हैं।
जानकारी जांची गई: | एससीआर टाइम्स
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) राज्य सरकार का औद्योगिक प्राधिकरण है, जो औद्योगिक क्षेत्र बसाता है, उनमें प्लॉट देता है और वहां निर्माण के नियम तय करता है। सरकार ने इसे सितंबर 2001 में उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 की धारा 3 के तहत बनाया।1 लखनऊ SCR के लिए इसकी अहमियत दो वजह से है। लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, बाराबंकी और उन्नाव में इसके औद्योगिक क्षेत्र हैं। और लखनऊ जिले के कुछ गांव LDA के विकास क्षेत्र के साथ-साथ UPSIDA क्षेत्र में भी अधिसूचित हैं।2
UPSIDA कैसे बना
CAG की 2025 की रिपोर्ट में इसका इतिहास दर्ज है:1
| तारीख़ | क्या हुआ |
|---|---|
| मार्च 1961 | यू.पी. स्टेट इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन लिमिटेड सरकारी कंपनी के रूप में बना |
| फ़रवरी 1973 | नाम बदलकर UPSIDC हुआ |
| 5 सितंबर 2001 | 1976 के कानून की धारा 3 के तहत UPSIDA बना; 123 औद्योगिक क्षेत्र "औद्योगिक विकास क्षेत्र" घोषित |
| 27 जून 2018 | अध्यादेश से UPSIDC की संपत्ति, देनदारी, अधिकार और कर्मचारी UPSIDA को देने का रास्ता; नोटिफ़िकेशन 10 सितंबर 2018 |
| अक्टूबर 2018 | सरकार ने लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (LIDA) को UPSIDA में मिलाने का फ़ैसला किया |
| मार्च 2021 | लखनऊ के 45 और उन्नाव के 34 गांव UPSIDA में शामिल करने का नोटिफ़िकेशन |
| जून 2021 | UPSIDA बोर्ड ने पूर्व LIDA का मास्टर प्लान 2010-2031 और भवन विनियमावली 2009 अपने अधिसूचित क्षेत्र के लिए अपनाई |
UPSIDA राज्य के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अधीन काम करता है। 1976 के कानून की धारा 6 के तहत इसके काम हैं: औद्योगिक क्षेत्र का प्लान बनाना, प्लॉट काटना और विकसित करना, सड़क-बिजली-पानी जैसी सुविधाएं देना, प्लॉट बेचना या लीज़ पर देना, इमारतों के निर्माण को नियंत्रित करना और हर प्लॉट का उपयोग तय करना।1
आंकड़ों में अंतर: UPSIDA के होम पेज पर 155 औद्योगिक क्षेत्र और 20,000 एकड़ का लैंड बैंक लिखा है।3 उसी वेबसाइट के "About" पेज पर CEO के संदेश में 154 औद्योगिक क्षेत्र और करीब 43,788.54 एकड़ है।4 CAG के मुताबिक़ 31 मार्च 2022 को 154 औद्योगिक क्षेत्र करीब 49,395.20 एकड़ में थे।1 हम तीनों आंकड़े स्रोत सहित दे रहे हैं।
लखनऊ मास्टर प्लान और UPSIDA के गांव
यह हिस्सा उन लोगों के लिए सबसे ज़रूरी है जिनकी ज़मीन लखनऊ के बाहरी गांवों में है। आधिकारिक दस्तावेज़ों से ये बातें पक्की हैं:
- 37 गांव दोनों क्षेत्रों में। 27 जनवरी 2009 के नोटिफ़िकेशन से लखनऊ जिले के 197 नए गांव LDA के विकास क्षेत्र में जुड़े। लखनऊ मास्टर प्लान 2031 की रिपोर्ट के मुताबिक़ इनमें से 37 गांव UPSIDA क्षेत्र में भी अधिसूचित हैं।2
- इन गांवों में LDA ने शहरी उपयोग तय नहीं किया। रिपोर्ट का खंड 9.4.9.13 कहता है कि इन 37 गांवों में मास्टर प्लान में कोई शहरी भू-उपयोग प्रस्तावित नहीं है। सिर्फ़ इलाके की सड़कों को जोड़ने के लिए कुछ नई सड़कें प्रस्तावित हैं, जिन्हें UPSIDA के मास्टर प्लान में भी शामिल करना होगा।2
- LDA के क्षेत्रफल में UPSIDA क्षेत्र शामिल नहीं। मास्टर प्लान 2031 की भू-उपयोग तालिका का 1,05,125.40 हेक्टेयर का आंकड़ा "UPSIDA क्षेत्र को छोड़कर" है।2
- 2021 का विस्तार। LIDA के विलय के बाद मार्च 2021 में लखनऊ के 45 और उन्नाव के 34 गांव UPSIDA में शामिल हुए, और UPSIDA ने पूर्व LIDA का मास्टर प्लान 2010-2031 अपनाया।1
जो पक्का नहीं: इन गांवों के नाम हमें UPSIDA, LDA या लखनऊ जिले की वेबसाइट पर नहीं मिले। मास्टर प्लान रिपोर्ट के 37 गांव और 2021 के 45 गांव एक ही हैं, अलग हैं, या कुछ साझा हैं, यह भी किसी आधिकारिक दस्तावेज़ में साफ़ नहीं मिला। इसलिए हम कोई सूची नहीं दे रहे।
उन्नाव में भी ऐसा रिश्ता दिखता है। उन्नाव–शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के ड्राफ्ट मास्टर प्लान 2031 के साथ छपे एक नक्शे में "UPSIDC द्वारा अधिग्रहित क्षेत्र" को उसके पुराने मास्टर प्लान 2001 में बदलाव के इरादे (इंटेंट टू चेंज) के रूप में दिखाया गया है।5 इसका ब्योरा उन्नाव–शुक्लागंज विकास प्राधिकरण पेज पर है।
SCR में UPSIDA के औद्योगिक क्षेत्र
UPSIDA की वेबसाइट पर क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ के तहत 28 औद्योगिक क्षेत्रों के डिजिटल लेआउट हैं। इनमें ये नाम हैं: अमौसी, चिनहट, सरोजिनी नगर, सरोजिनी नगर एक्सटेंशन-I, कुर्सी रोड, कुर्सी रोड (IIDC), संडीला (फ़ेज़ I, II, IV और हाउसिंग), रायबरेली साइट-I और II, सलोन, लालगंज, महाराजगंज, परसदेपुर, छतोह, मिश्रिख, स्पिनिंग मिल बाराबंकी, एग्रो पार्क, सिंहपुर, तिलोई, जायस और लखीमपुर।6
ध्यान दें: यह पेज हर क्षेत्र का जिला नहीं बताता, और इसमें SCR से बाहर के जिलों के क्षेत्र भी हैं। संडीला कस्बा हरदोई जिले में है; उसकी जानकारी हरदोई जिला पेज पर है।
उन्नाव — ट्रांस गंगा सिटी: UPSIDA के मुताबिक़ यह NH-91 बाईपास पर 463 हेक्टेयर की औद्योगिक टाउनशिप है। आवंटन के लिए करीब 175 हेक्टेयर ज़मीन है, जिसमें 42.04 हेक्टेयर औद्योगिक है। यहां रेड श्रेणी को छोड़कर सभी सेक्टर की इकाइयों की अनुमति है।7 UPSIDA की परियोजना प्रोफ़ाइल में इसका क्षेत्र 1,144.09 एकड़ लिखा है।8 उन्नाव जिले की जानकारी उन्नाव पेज पर है।
सेवाएं
| काम | कहां |
|---|---|
| औद्योगिक प्लॉट का आवंटन | निवेश मित्र सिंगल विंडो (ट्रांस गंगा सिटी के लिए UPSIDA का बताया तरीका)7 — तरीका निवेश मित्र गाइड में |
| ई-ऑक्शन से प्लॉट | UPSIDA की वेबसाइट पर ई-ऑक्शन कैटलॉग और सूचना9 |
| औद्योगिक क्षेत्रों के लेआउट | क्षेत्रीय कार्यालय-वार डिजिटल लेआउट6 |
| सवाल या शिकायत | होम पेज पर Raise & Track Your Query3 |
| औद्योगिक संपत्ति की रजिस्ट्री | IGRS के मुताबिक़ निवेश मित्र के ज़रिए आवेदन10 |
2026 का बड़ा फ़ैसला: अगस्त 2026 की ख़बर के मुताबिक़ UPSIDA की 51वीं बोर्ड बैठक में 2026-27 के लिए करीब ₹9,000 करोड़ का बजट मंज़ूर हुआ, और फ़तेहपुर व अयोध्या के औद्योगिक क्षेत्रों के लेआउट पास हुए।11 इसमें SCR के किसी जिले का नाम नहीं था।
आपके लिए इसका मतलब
- लखनऊ के बाहरी गांव में ज़मीन है: अगर गांव UPSIDA क्षेत्र में भी अधिसूचित है, तो वहां निर्माण या उपयोग बदलने की मंज़ूरी किससे लेनी है, यह LDA और UPSIDA, दोनों से लिखित में पूछें। LDA के मास्टर प्लान ने ऐसे गांवों में शहरी उपयोग तय नहीं किया है।2
- फ़ैक्ट्री लगानी है: UPSIDA के औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट लेने पर ज़मीन का उपयोग पहले से औद्योगिक होता है। बाकी मंज़ूरियां निवेश मित्र से मिलती हैं।
- खेती की ज़मीन बेचने-ख़रीदने से पहले: सिर्फ़ "औद्योगिक क्षेत्र के पास" होने के दावे पर भरोसा न करें। प्लॉट की स्थिति भू-उपयोग गाइड के तरीके से जांचें।
अधिकारी (जानकारी: 2 नवंबर 2026 तक)
| पद | नाम | दफ़्तर का संपर्क |
|---|---|---|
| मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) | श्री मयूर माहेश्वरी | ग्राहक सहायता 0120-4401000 |
CEO का नाम और नंबर UPSIDA के होम पेज से है।3 UPSIDA की वेबसाइट के "Head Office" और "Regional Office, Lucknow" पेज 2 नवंबर 2026 को बार-बार कोशिश के बावजूद नहीं खुले, इसलिए बाकी अफ़सरों के नाम हम आधिकारिक स्रोत से नहीं दे पा रहे। CAG के मुताबिक़ बोर्ड के अध्यक्ष अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त होते हैं, और CEO सदस्य सचिव।1
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UPSIDA और UPSIDC में क्या फ़र्क है?
क्या लखनऊ के कुछ गांव UPSIDA के अधीन हैं?
UPSIDA में औद्योगिक प्लॉट कैसे मिलता है?
ट्रांस गंगा सिटी कहां है?
UPSIDA से संपर्क कैसे करें?
स्रोत
- Report on Working of Uttar Pradesh State Industrial Development Authority, Chapter I (General) — भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG), 2025 (PDF)
- लखनऊ महायोजना 2031 (कन्वर्जन स्वरूप) रिपोर्ट, खंड 1.2, तालिका 5 और खंड 9.4.9.13 — लखनऊ विकास प्राधिकरण एवं नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (PDF)
- UPSIDA — होम पेज, 2 नवंबर 2026 को देखा
- About Department — UPSIDA, 2 नवंबर 2026 को देखा
- G.I.S. Based Unnao-Shuklaganj Master Plan-2031 (Draft) — ‘UPSIDC Area’ नक्शा, उन्नाव जिला वेबसाइट
- Regional Office, Lucknow — Digitized Layout, UPSIDA, 2 नवंबर 2026 को देखा
- Trans Ganga City, Unnao — UPSIDA, 2 नवंबर 2026 को देखा
- Investment Opportunity in Trans Ganga City, Unnao — UPSIDA परियोजना प्रोफ़ाइल (PDF)
- Catalogue and Process for Industrial Plot Allotment through E-Auction — UPSIDA (PDF)
- नागरिक ऑनलाइन सेवाएं — स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र., 2 नवंबर 2026 को देखा
- Industrial infrastructure gets fresh impetus with UPSIDA board approval — Business Standard, 6 अगस्त 2026