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रामनगर तहसील, बाराबंकी — लोधेश्वर महादेव धाम, कॉरिडोर, आबादी और गांव

रामनगर तहसील की सबसे बड़ी पहचान घाघरा के किनारे बसा लोधेश्वर महादेव धाम है, जहां अब एक नया कॉरिडोर बन रहा है। जनगणना 2011 में यहां 3,04,801 लोग रहते थे।

जानकारी जांची गई:

रामनगर बाराबंकी जिले की छह तहसीलों में आबादी के हिसाब से सबसे छोटी है। जनगणना 2011 में यहां 3,04,801 लोग थे।12 जिले का बड़ा शिव धाम, लोधेश्वर महादेव, इसी तहसील में घाघरा के किनारे है।3

एक नज़र में

क्या जानकारी (जनगणना 2011)
आबादी 3,04,801 (पुरुष 1,62,674; महिला 1,42,127)12
लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 874 महिलाएं — जिले की तहसीलों में सबसे कम12
साक्षर लोग 1,50,725 — सात साल से ऊपर की आबादी में करीब 59%1
परिवार 54,2631
क्षेत्रफल 507 वर्ग किमी1
आबादी घनत्व करीब 601 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी — जिले की तहसीलों में सबसे कम
गांव 241 (villageinfo) / 240 (censusindia2011)12
कस्बा रामनगर नगर पंचायत — आबादी 14,2552
शहरी आबादी 14,255 (4.68%)2
अनुसूचित जाति 52,216 (करीब 17.1%)1

घनत्व आबादी और क्षेत्रफल (507.36 वर्ग किमी) से निकाला गया है।1 साक्षरता की दर जनगणना के तरीके से है: साक्षर लोगों को 0–6 साल के 49,146 बच्चों को छोड़कर बची आबादी से भाग दिया गया है।1

लिंगानुपात में शहर और गांव का फ़र्क़ भी दिखता है। रामनगर कस्बे में यह 921 था, जबकि गांवों में 871।2 अनुसूचित जाति की आबादी का हिस्सा (17.1%) भी जिले के औसत (26.51%) से काफ़ी कम है।14

लोधेश्वर महादेव धाम

यह शिव का प्राचीन धाम है। यहां का शिवलिंग देश के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में गिना जाता है। मान्यता है कि पांडवों ने यहां महायज्ञ किया था, और परिसर का 'पांडव-कूप' इसी कथा से जुड़ा है।3 हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, सबसे ज़्यादा महाशिवरात्रि पर।3 जिले की आधिकारिक वेबसाइट भी कांवड़ियों के महादेव तीर्थ का ज़िक्र करती है।5

कॉरिडोर: क्या बन रहा है

मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई 2026 को धाम में कॉरिडोर का शिलान्यास किया। इसे काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर की तर्ज़ पर बनाया जा रहा है।6 PTI की रिपोर्ट के मुताबिक़ ब्योरा यह है:3

क्या जानकारी
लागत करीब 48.79 करोड़ रुपये (पर्यटन विभाग की मंज़ूरी)
रकबा 12,980 वर्ग मीटर
काम शुरू अप्रैल 2026, ज़मीन मिलने के बाद
पूरा होने का लक्ष्य अक्टूबर 2027
मुख्य सुविधाएं 5 प्रवेश द्वार, 652 मीटर लंबा और 3.25 मीटर चौड़ा ढका गलियारा, 2,734 वर्ग मीटर का बगीचा
और सुविधाएं क्लोक रूम, पुरुषों और महिलाओं के लिए 26-26 शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए 4, पीने का पानी, CCTV, कंट्रोल रूम, मेडिकल सेंटर, 9 दुकानें

यह कॉरिडोर उस बड़े पैकेज का हिस्सा था, जिसमें जुलाई 2026 में जिले में 542 करोड़ रुपये से ज़्यादा के 82 प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ। ये प्रोजेक्ट रामनगर और दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े थे।6

आपके लिए इसका मतलब

  • श्रद्धालुओं के लिए: अक्टूबर 2027 तक निर्माण चलेगा। इस दौरान परिसर के कुछ हिस्सों में काम दिख सकता है। प्रगति की ख़बरें SCR अपडेट में मिलेंगी।
  • स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों के लिए: कॉरिडोर के नक्शे में 9 दुकानें हैं, और सरकार के मुताबिक़ इसका एक मक़सद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।36 दुकानें किसे और कैसे मिलेंगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
  • ज़मीन से जुड़े काम के लिए: घाघरा के पास के गांवों में अपना रिकॉर्ड upbhulekh पर ज़रूर देखें। रकबे का हिसाब एरिया कन्वर्टर से और रजिस्ट्री का ख़र्च स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से लगाएं।
  • बाकी तहसीलें बाराबंकी जिला पेज पर, और SCR की बुनियादी बातें SCR क्या है पर।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लोधेश्वर महादेव मंदिर कहां है?
लोधेश्वर महादेव धाम बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में घाघरा नदी के किनारे है। यहां का शिवलिंग देश के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में गिना जाता है, और मान्यता है कि पांडवों ने यहां यज्ञ किया था।
लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर कब तक बनेगा?
पर्यटन विभाग ने करीब 48.79 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी है। काम अप्रैल 2026 में शुरू हुआ और इसे अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई 2026 को इसका शिलान्यास किया।
रामनगर तहसील की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 में रामनगर तहसील की आबादी 3,04,801 थी: 1,62,674 पुरुष और 1,42,127 महिलाएं। यह बाराबंकी की छह तहसीलों में सबसे कम है।
रामनगर तहसील में कितने गांव और कस्बे हैं?
जनगणना 2011 के आंकड़ों में रामनगर तहसील में 240–241 गांव हैं (स्रोतों में एक का अंतर)। कस्बा एक ही है, रामनगर नगर पंचायत, जिसकी आबादी 14,255 थी।