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मोहनलालगंज तहसील, लखनऊ: आबादी, ब्लॉक और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

मोहनलालगंज लखनऊ जिले की तहसील है। जनगणना 2011 में इसकी आबादी 4,80,523 थी, और 229 गांवों के साथ यह गांवों की गिनती में जिले की सबसे बड़ी तहसील थी। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की शुरुआत इसी तहसील के गोसाईंगंज के पास से होती है।

जानकारी जांची गई:

मोहनलालगंज लखनऊ जिले की तहसील है। जनगणना 2011 की चार तहसीलों में क्षेत्रफल के हिसाब से यह लखनऊ सदर के बाद दूसरे नंबर पर थी।1 इसी नाम की लोकसभा सीट भी है, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।5

मोहनलालगंज एक नज़र में

क्या जानकारी
जिला लखनऊ
आबादी (जनगणना 2011) 4,80,523 (पुरुष 2,51,748; महिला 2,28,775)1
लिंगानुपात (जनगणना 2011) 909 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष1
परिवार (जनगणना 2011) 91,0371
क्षेत्रफल करीब 698 वर्ग किमी12
गांव (जनगणना 2011) 2291
शहरी आबादी (जनगणना 2011) 33,8271
ब्लॉक मोहनलालगंज, गोसाईंगंज34
विधानसभा सीट मोहनलालगंज (SC)5

ये आंकड़े जनगणना 2011 की तहसील सीमा के हैं।

नगर पंचायतें

जनगणना 2011 में तहसील में तीन नगर पंचायतें थीं:1

नगर पंचायत आबादी (जनगणना 2011)
अमेठी 13,530
नगराम 10,648
गोसाईंगंज 9,649

2023 के निकाय चुनाव में अमेठी, नगराम और गोसाईंगंज के साथ मोहनलालगंज नगर पंचायत में भी अध्यक्ष चुना गया।6

ध्यान दें: यह अमेठी लखनऊ जिले का कस्बा है, अमेठी जिला नहीं।7

ब्लॉक और बड़े गांव

मोहनलालगंज ब्लॉक में 113 गांव हैं, और इसका मुख्यालय मऊ गांव में है।3 जनगणना 2011 में ब्लॉक के सबसे बड़े गांव ये थे:3

गांव आबादी (2011)
मऊ 13,655
समेसी 11,646
उतरावां 8,316

गोसाईंगंज ब्लॉक का मुख्यालय गोसाईंगंज कस्बे में है।4

थोड़ा इतिहास

मोहनलालगंज बाज़ार 1859 में राजा काशी प्रसाद ने बसाया और इसका नाम अपने ससुर मोहन लाल पर रखा। 1900 के आसपास यह अनाज और कपड़े के व्यापार का अहम केंद्र था।3

गोसाईंगंज नवाबी दौर (18वीं सदी) का कस्बा है। यहां राजा हिम्मत सिंह गोसाईं ने क़िला और बाज़ार बनवाया था। चैत में देवी चतुर्भुजी का मेला और दशहरे का मेला यहां के बड़े आयोजन हैं।4

सड़क और रेल

  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: 340.8 किमी का यह छह लेन एक्सप्रेसवे लखनऊ जिले के चांद सराय गांव से शुरू होता है। यह जगह गोसाईंगंज से करीब 2.5 किमी दूर है।48 एक्सप्रेसवे बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या होते हुए ग़ाज़ीपुर तक जाता है, और 16 नवंबर 2021 को शुरू हुआ।8
  • रेल: गोसाईंगंज में अनूपगंज रेलवे स्टेशन है, जहां लखनऊ और सुल्तानपुर के लिए कुछ पैसेंजर ट्रेनें रुकती हैं।4
  • मेट्रो (योजना): मई 2026 में लखनऊ में करीब 150 किमी के 10 नए मेट्रो कॉरिडोर की DPR बनाने को मंज़ूरी मिली। इनके सिरों में मोहनलालगंज का नाम भी है। काम 2047 तक चरणों में होना है।9

आपके लिए इसका मतलब

  • आने-जाने के लिए: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शुरुआती छोर पास होने से इस तहसील से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाना आसान है। एक्सप्रेसवे बाराबंकी से होकर गुज़रता है, जो SCR का ही जिला है।
  • ज़मीन और प्लॉट: मेट्रो के नए कॉरिडोर अभी सिर्फ़ DPR के स्तर पर हैं। इनके नाम पर किसी इलाके के बारे में किए जा रहे दावों को अंतिम मंज़ूरी तक सावधानी से देखें। रजिस्ट्री का ख़र्च स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से समझें।
  • SCR के संदर्भ में: रीजनल प्लान का ड्राफ्ट आने पर देखें कि आपके गांव को किस उपयोग में दिखाया गया है। ताज़ा स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर।

लखनऊ की बाकी तहसीलें जिला पेज पर हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मोहनलालगंज तहसील में कौन-कौन से ब्लॉक हैं?
मोहनलालगंज तहसील में मोहनलालगंज और गोसाईंगंज ब्लॉक आते हैं। मोहनलालगंज ब्लॉक का मुख्यालय मऊ गांव में है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ में कहां से शुरू होता है?
340.8 किमी का पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ जिले के चांद सराय गांव से शुरू होता है, जो गोसाईंगंज के पास है। यह ग़ाज़ीपुर के हैदरिया गांव तक जाता है।
मोहनलालगंज का नाम कैसे पड़ा?
मोहनलालगंज बाज़ार 1859 में राजा काशी प्रसाद ने बसाया था। उन्होंने इसका नाम अपने ससुर मोहन लाल के नाम पर रखा।
मोहनलालगंज तहसील में कितनी नगर पंचायतें हैं?
जनगणना 2011 में तहसील में तीन नगर पंचायतें थीं: अमेठी, नगराम और गोसाईंगंज। 2023 के निकाय चुनाव में मोहनलालगंज नगर पंचायत में भी अध्यक्ष चुना गया।