तहसील

पुरवा तहसील, उन्नाव — आबादी, पुरवा-मौरावां कस्बे, सड़कें और इतिहास

पुरवा उन्नाव शहर से करीब 32 किमी दक्षिण-पूर्व में है। 1856 में अंग्रेज़ों ने पहले इसे ही जिले का मुख्यालय बनाया था, जो जल्द उन्नाव ले जाया गया।

जानकारी जांची गई:

पुरवा तहसील की आबादी जनगणना 2011 में 4,59,539 थी और क्षेत्रफल 793.29 वर्ग किमी।12 इसमें 270 गांव और दो कस्बे, पुरवा और मौरावां, हैं।13 मुख्यालय पुरवा कस्बा उन्नाव शहर से करीब 32 किमी दक्षिण-पूर्व में है।4

एक नज़र में (जनगणना 2011)

क्या जानकारी
आबादी 4,59,539 (पुरुष 2,39,181; महिला 2,20,358)
क्षेत्रफल 793.29 वर्ग किमी
लिंगानुपात 922 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष
साक्षरता 65.32% (पुरुष 75.35%, महिला 54.43%)
परिवार 87,629
गांव 270
कस्बे 2 नगर पंचायतें

स्रोत: जनगणना 2011 के तहसीलवार आंकड़े।1

लिंगानुपात में पुरवा जिले के औसत (907) से आगे है। सिर्फ़ बीघापुर इससे ऊपर है।1

पुरवा कस्बा

  • आबादी (2011): 24,467, 4,128 परिवार।43
  • क्षेत्रफल: 3.74 वर्ग किमी।4
  • पुरवा ब्लॉक: 1 अप्रैल 1959 को शुरू हुआ। इसमें 112 गांव और 1,25,619 लोग (2011) हैं। ब्लॉक का ज़्यादातर हिस्सा पुरवा तहसील में है, कुछ हिस्सा बीघापुर तहसील में।4
  • आस्था: बिल्लेश्वर महादेव मंदिर और मीना साहब की मज़ार, दोनों को हिंदू और मुसलमान मानते हैं।4

मौरावां

  • आबादी (2011): 15,484, लिंगानुपात 916, साक्षरता 68.8%।5
  • कहां: पुरवा से करीब 12 किमी, रायबरेली वाली सड़क पर। करीब 3 किमी दक्षिण-पश्चिम में बड़ी बसहा झील है।5
  • पुराना परगना: अकबर के समय से परगने का मुख्यालय रहा है।5
  • मेला: हर साल दशहरे पर बड़ा मेला लगता है।5

इतिहास की झलक

1903 के उन्नाव गज़ेटियर के मुताबिक़ पुरवा करीब 1400 में बसा। आइन-ए-अकबरी में इसका नाम रणबीरपुर दर्ज है, जो राजा रणबीर सिंह के नाम पर था।4 1856 में अवध के अंग्रेज़ी राज में मिलने पर पुरवा को पहले जिला मुख्यालय बनाया गया, जो जल्द उन्नाव ले जाया गया।4 करीब 1900 में पुरवा अपने कुशल जूता कारीगरों के लिए जाना जाता था।4

खेती

जनगणना हैंडबुक के मुताबिक़ यहां की अर्थव्यवस्था खेती पर टिकी है। धान (बासमती समेत), गेहूं और अरहर मुख्य फ़सलें हैं। आम, अमरूद और जामुन के बाग़ भी हैं।4

आना-जाना और उद्योग

  • सड़क: पुरवा उन्नाव, लखनऊ, कानपुर और रायबरेली से सड़क से जुड़ा है।4 लखनऊ के चारबाग, कैसरबाग और आलमबाग से बसें मिलती हैं। कानपुर से पहले उन्नाव आना होता है।4
  • औद्योगिक आस्थान: जिला उद्योग केंद्र का पुरवा मिनी औद्योगिक आस्थान 6,384 वर्ग मीटर का है, जिसमें 56 प्लॉट हैं।6

आपके लिए इसका मतलब

  • आने-जाने वालों के लिए: पुरवा का सड़क संपर्क लखनऊ और रायबरेली, दोनों से है।
  • किसानों के लिए: खतौनी या बैनामे में लिखी बीघा-बिस्वा की नाप को एरिया कन्वर्टर से एकड़ या हेक्टेयर में बदलें।
  • छोटा उद्यम: पुरवा आस्थान के प्लॉट की ताज़ा स्थिति जिला उद्योग केंद्र से पूछें। नई मंज़ूरी निवेश मित्र पोर्टल से मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुरवा तहसील में कितने कस्बे हैं?
जनगणना 2011 में पुरवा तहसील में दो कस्बे थे, दोनों नगर पंचायत: पुरवा (आबादी 24,467) और मौरावां (15,484)।
लखनऊ से पुरवा कैसे पहुंचें?
पुरवा सड़क से उन्नाव, लखनऊ, कानपुर और रायबरेली से जुड़ा है। लखनऊ के चारबाग, कैसरबाग और आलमबाग से बसें मिलती हैं।
पुरवा तहसील का लिंगानुपात और साक्षरता कितनी है?
जनगणना 2011 में लिंगानुपात 922 था, जो जिले के औसत 907 से बेहतर है। साक्षरता 65.32% थी: पुरुष 75.35% और महिलाएं 54.43%।
मौरावां कहां है?
मौरावां पुरवा तहसील की नगर पंचायत है। यह पुरवा से करीब 12 किमी दूर रायबरेली वाली सड़क पर है, और इसके करीब 3 किमी दक्षिण-पश्चिम में बड़ी बसहा झील है।