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कॉलम

लखनऊ एयरपोर्ट: छह जिलों का एक हवाई दरवाज़ा — आज कहां है, आगे क्या

जानकारी जांची गई: | प्रकाशित: | एससीआर टाइम्स

लखनऊ हवाई अड्डे का रनवे, टर्मिनल 2 से
लखनऊ हवाई अड्डे का रनवे, टर्मिनल 2 से फ़ोटो: 25 Cents FC · विकिमीडिया कॉमन्स · CC BY-SA 3.0

स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के छह जिलों में करीब हर बड़ी बात सड़क से शुरू होती है — एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, मेट्रो। पर इस पूरे इलाके का आसमान से एक ही दरवाज़ा है: लखनऊ का चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा। हरदोई का कारोबारी हो, सीतापुर का छात्र हो या रायबरेली से खाड़ी देशों में काम करने वाला परिवार, सबकी उड़ान यहीं से शुरू होती है। इस कॉलम में देखते हैं कि यह दरवाज़ा आज कितना बड़ा है, इसे बड़ा करने की क्या योजना है, और आम यात्री के लिए इसका क्या मतलब है।

पहले बुनियादी बातें

एयरपोर्ट अमौसी में है। आधिकारिक हवाई नक्शे के मुताबिक यह लखनऊ रेलवे स्टेशन से करीब 11 किमी दूर है।3 केंद्र सरकार ने जुलाई 2008 में इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखने को मंज़ूरी दी थी।2

एयरपोर्ट का मालिक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) है। संचालन, प्रबंधन और विकास का ज़िम्मा PPP के तहत लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (LIAL) के पास है, जो अडानी एंटरप्राइज़ेज़ की कंपनी है। 50 साल की यह लीज़ 2 नवंबर 2020 से लागू है।1 यानी आगे का विस्तार मुख्य रूप से संचालक कंपनी की योजना और नियामक की मंज़ूरियों से तय होगा।

यहां एक रनवे है, जो 2,744 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है।3 एयरपोर्ट की पूरी जानकारी हमारे लखनऊ एयरपोर्ट पेज पर है।

नया टर्मिनल क्यों ज़रूरी था

2023 की शुरुआत की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुराने दोनों टर्मिनल सालाना 43 लाख यात्रियों के लिए बने थे। पर वे करीब 55 लाख यात्री संभाल रहे थे, यानी क्षमता से करीब 28% ज़्यादा।6 भीड़, लंबी कतारें और कम बोर्डिंग गेट इसी दबाव का नतीजा थे।

इसका जवाब टर्मिनल 3 (T3) बना। प्रधानमंत्री ने 10 मार्च 2024 को इसका उद्घाटन किया।4 यहां से उड़ानें 31 मार्च 2024 से शुरू हुईं।5 संचालक कंपनी की विज्ञप्ति के मुताबिक:4

  • T3 पर करीब 2,400 करोड़ रुपये ख़र्च हुए।
  • पहले चरण में इसकी क्षमता सालाना 80 लाख यात्री है, और पीक घंटे में 4,000 यात्री।
  • बोर्डिंग गेट 7 से बढ़कर 13 और एयरोब्रिज 2 से बढ़कर 7 हुए।
  • घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की उड़ानें एक ही इमारत से चलती हैं।

आंकड़े क्या कहते हैं

AAI के सालाना आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ एयरपोर्ट से 2024-25 में करीब 64.4 लाख यात्रियों ने सफ़र किया। 2025-26 में यह संख्या करीब 60.7 लाख रही, यानी लगभग 5.8% कम। यात्रियों के हिसाब से यह देश का 12वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट रहा।9 2025-26 में यहां से करीब 22,566 टन कार्गो गया-आया, जो पिछले साल से करीब 2% ज़्यादा था।10

मेरी नज़र में इन आंकड़ों से दो बातें निकलती हैं। पहली, नया टर्मिनल अभी अपनी क्षमता से काफ़ी नीचे चल रहा है, इसलिए भीड़ का पुराना दबाव फ़िलहाल नहीं है। दूसरी, यात्री कम होने के बावजूद कार्गो बढ़ा है। यानी सामान भेजने के लिए एयरपोर्ट का इस्तेमाल धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

उड़ानों के ठिकानों की संख्या पर दो आंकड़े हैं। मार्च 2024 में संचालक कंपनी ने 24 घरेलू और 8 अंतरराष्ट्रीय ठिकाने बताए थे।4 अगस्त 2025 की एक रिपोर्ट में 42 नॉन-स्टॉप ठिकाने बताए गए, जिनमें 11 अंतरराष्ट्रीय थे।7 विदेशी उड़ानों में ज़्यादातर खाड़ी देशों — UAE, सऊदी अरब और ओमान — के शहर हैं। इनके अलावा कुआलालंपुर और बैंकॉक की उड़ानें भी सूची में हैं।10 उड़ानों की सूची मौसम के हिसाब से बदलती है, इसलिए टिकट से पहले एयरलाइन की वेबसाइट ज़रूर देखें।

SCR और NCR के बीच नया हवाई पुल

जून 2026 में लखनऊ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) की सीधी उड़ान शुरू हुई। पहली उड़ान 15 जून 2026 को सुबह 7:05 बजे लखनऊ से निकली और 8:05 बजे जेवर पहुंची।11 उसमें 182 यात्री थे।12 रिपोर्टों के मुताबिक 15 जून की उड़ानें विशेष थीं, और नियमित उड़ानें 1 जुलाई 2026 से तय थीं।1112

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से रिश्ता रखने वाले SCR के परिवारों और कारोबारियों के लिए यह एक नया विकल्प है। NCR और SCR का फ़र्क समझना हो, तो यह पेज देखें।

विस्तार की योजना: क्या तय है, क्या प्रस्ताव

टर्मिनल 3 का दूसरा चरण। संचालक कंपनी के मुताबिक दूसरे चरण के बाद T3 की क्षमता सालाना 1.3 करोड़ यात्री होगी।4 अगस्त 2025 की रिपोर्टों में यह आंकड़ा 1.4 करोड़ बताया गया, और काम पूरा होने का लक्ष्य 2026-27 रखा गया।78 यहां दोनों आंकड़े स्रोत सहित रख रहे हैं; अंतिम क्षमता का पता काम पूरा होने पर चलेगा।

लंबी अवधि का मास्टर प्लान। संचालक कंपनी का मास्टर प्लान 2047-48 तक सालाना 3.8 करोड़ यात्रियों की क्षमता का है।4 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के पास करीब 4 करोड़ यात्रियों तक विस्तार की पर्यावरण मंज़ूरी है।6

रनवे और कार्गो। अगस्त 2025 की रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी ने चरणों में करीब 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई। इनमें से करीब 2,401 करोड़ रुपये टर्मिनल और सड़क सुविधाओं पर ख़र्च हो चुके थे।8 प्रस्ताव में रनवे को करीब 3,514 मीटर तक बढ़ाना शामिल है, ताकि बड़े विमान उतर सकें। साथ में पांच साल में 50,000 टन सालाना कार्गो क्षमता का लक्ष्य भी है।78 रनवे विस्तार की ताज़ा आधिकारिक समय-सीमा हमें नहीं मिली, इसलिए इसे अभी प्रस्ताव ही मानें।

छहों जिलों से एयरपोर्ट तक

SCR के लिए असली सवाल सिर्फ़ उड़ानें नहीं, एयरपोर्ट तक पहुंचना भी है।

  • उन्नाव और कानपुर की ओर से: लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे का लखनऊ वाला सिरा एयरपोर्ट वाले इलाके के पास है।
  • सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली की ओर से: शहर के बाहर-बाहर घूमने वाला किसान पथ (आउटर रिंग रोड) शहर के भीतर की भीड़ से बचने का रास्ता है।
  • शहर के भीतर से: लखनऊ मेट्रो की नॉर्थ–साउथ लाइन का आख़िरी स्टेशन CCS एयरपोर्ट है। SCR के लिए प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर के जुड़ाव-बिंदुओं में भी एयरपोर्ट शामिल है, पर रूट अभी तय नहीं है।

अपने जिले से एयरपोर्ट की दूरी और रास्ता SCR नक्शे पर देख सकते हैं। जिलेवार जानकारी हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी के पेज पर है।

आपके लिए इसका मतलब

  • अगर आप अक्सर उड़ान लेते हैं: T3 पहले चरण में ही अपनी क्षमता से नीचे चल रहा है, इसलिए भीड़ का दबाव पहले जैसा नहीं है। फिर भी फ़्लाइट का टर्मिनल टिकट या एयरलाइन के संदेश में ज़रूर देखें।
  • अगर घर का कोई सदस्य खाड़ी देशों में काम करता है: लखनऊ से UAE, सऊदी अरब और ओमान की सीधी उड़ानें हैं। दिल्ली जाकर उड़ान पकड़ने से पहले लखनऊ से सीधी उड़ान का विकल्प देख लें।
  • अगर आप छोटा कारोबार या निर्यात करते हैं: कार्गो का बढ़ना अच्छा संकेत है। कार्गो सुविधा, दरें और नियम सिर्फ़ एयरपोर्ट संचालक या एयरलाइन की आधिकारिक जानकारी से लें।
  • अगर आप नौकरी तलाश रहे हैं: एयरपोर्ट, एयरलाइंस, कार्गो और यात्री सुविधाओं में भर्ती होती रहती है। भर्ती की सूचना सिर्फ़ AAI, संचालक कंपनी या एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से लें; पैसे मांगने वाले "एजेंट" से बचें।
  • अगर आप एयरपोर्ट के आसपास ज़मीन या मकान की सोच रहे हैं: रनवे विस्तार अभी प्रस्ताव है। विस्तार और ऊंचाई से जुड़ी पाबंदियों की पूरी तस्वीर आधिकारिक नक्शे से ही मिलेगी। सौदे से पहले इलाके का मास्टर प्लान और नक्शा पास के नियम ज़रूर देखें।

मेरी नज़र में SCR के लिए एयरपोर्ट की असली परीक्षा यह होगी कि छहों जिलों के लोग कितनी आसानी से यहां तक पहुंच पाते हैं। टर्मिनल बन चुका है; अब सड़क, मेट्रो और बस का जाल तय करेगा कि हरदोई या रायबरेली का यात्री इसे अपना एयरपोर्ट माने। हर प्रोजेक्ट की ताज़ा स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर है, और SCR की बुनियादी जानकारी SCR क्या है पेज पर।

स्रोत

  1. Lucknow Airport (प्रबंधन में बदलाव) — भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI, आधिकारिक)
  2. Lucknow Airport Named "Chaudhary Charan Singh Airport" — PIB, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, 17 जुलाई 2008
  3. AD 2 VILK, लखनऊ एयरोड्रोम डेटा — AAI, भारत का eAIP (आधिकारिक)
  4. PM inaugurates integrated terminal T3 of Chaudhary Charan Singh International Airport — अडानी एंटरप्राइज़ेज़ (संचालक की विज्ञप्ति), 10 मार्च 2024
  5. 10 things to know about Lucknow Airport's new terminal — Zee News, 28 मार्च 2024
  6. Lucknow airport to get a major upgrade — Business Standard (IANS), 2 मार्च 2023
  7. Lucknow Airport: new terminal, global routes, passenger capacity boost — Knocksense, 30 अगस्त 2025
  8. Adani Airports unveils ₹10,000 crore expansion plan for Lucknow Airport — IIFL (India Infoline), 31 अगस्त 2025
  9. List of busiest airports in India (AAI के आंकड़ों पर आधारित) — विकिपीडिया (सहायक स्रोत)
  10. Chaudhary Charan Singh International Airport (AAI ट्रैफ़िक आंकड़े, उड़ानों की सूची) — विकिपीडिया (सहायक स्रोत)
  11. लखनऊ से नोएडा की फ़्लाइट — ETV भारत, 15 जून 2026
  12. जेवर एयरपोर्ट: लखनऊ की पहली फ़्लाइट — रिपब्लिक भारत, 15 जून 2026