तहसील

हसनगंज तहसील, उन्नाव — आबादी, 6 कस्बे और नवाबगंज पक्षी विहार

हसनगंज उन्नाव जिले की क्षेत्रफल में सबसे बड़ी तहसील है और सबसे ज़्यादा गांव भी यहीं हैं। रामसर सूची वाला नवाबगंज पक्षी विहार इसी तहसील में है।

जानकारी जांची गई:

हसनगंज तहसील का क्षेत्रफल 1,117.22 वर्ग किमी है, जो उन्नाव जिले में सबसे ज़्यादा है। जनगणना 2011 में यहां 7,19,998 लोग, 514 गांव और 6 कस्बे थे।1 नवाबगंज पक्षी विहार भी इसी तहसील में आता है।4

एक नज़र में (जनगणना 2011)

क्या जानकारी
आबादी 7,19,998 (पुरुष 3,79,298; महिला 3,40,700)
क्षेत्रफल 1,117.22 वर्ग किमी (जिले में सबसे बड़ी)
लिंगानुपात 899 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष
साक्षरता 62.3% (पुरुष 71.53%, महिला 51.97%)
परिवार 1,36,124
गांव 514 (जिले में सबसे ज़्यादा)
कस्बे 6 नगर पंचायतें

स्रोत: जनगणना 2011 के तहसीलवार आंकड़े।1 आबादी दूसरे स्रोत से भी मेल खाती है।2

छह कस्बे

जनगणना 2011 में तहसील की नगर पंचायतें और उनकी आबादी:35

नगर पंचायत आबादी (2011)
मोहन 15,071
नवाबगंज 11,545
रसूलाबाद 7,928
हैदराबाद 7,697
न्योतनी 7,577
औरास 6,466

जनगणना 2011 में जिले की किसी और तहसील में इतनी नगर पंचायतें नहीं थीं। यहां कोई नगर पालिका नहीं है, सभी कस्बे नगर पंचायत हैं।3

ब्लॉक

  • हसनगंज ब्लॉक: मुख्यालय हसनगंज, 156 गांव।6
  • नवाबगंज ब्लॉक: मुख्यालय नवाबगंज कस्बा, 124 गांव।7

थोड़ा इतिहास

1903 के उन्नाव गज़ेटियर के मुताबिक़ हसनगंज पहले एक बाज़ार था। इसे अवध के नवाब आसफ़ुद्दौला के नायब हसन रज़ा ख़ान ने बसाया था। करीब 1890 में तहसील मुख्यालय मोहन से हसनगंज आया।6 नवाबगंज 1842 में बसा था।7

नवाबगंज पक्षी विहार

अब इसका नाम शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार है। 2015 में नाम बदला गया।8

  • कहां: नवाबगंज में, लखनऊ–कानपुर हाईवे पर।9
  • आकार: 224.6 हेक्टेयर का उथला दलदली वेटलैंड, जो रामसर सूची में दर्ज है।4
  • पानी: बारिश और शारदा नहर से भरता है।4
  • पक्षी: रामसर रिकॉर्ड में करीब 220 प्रजातियां और नियमित तौर पर करीब 25,000 जलपक्षी दर्ज हैं।4 ईको-टूरिज़्म बोर्ड 250 से ज़्यादा प्रजातियां बताता है।9 सर्दियों में यूरोप, तिब्बत, चीन और साइबेरिया से प्रवासी पक्षी आते हैं।9
  • सुविधाएं: हिरण पार्क, वॉच टावर और नौका।8

सड़कें

  • SH-40: लखनऊ–मोहन–हसनगंज–रसूलाबाद रोड इस तहसील की मुख्य सड़क है। आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे लखनऊ के बाहरी हिस्से में इसी SH-40 पर आकर ख़त्म होता है।10
  • लखनऊ–कानपुर हाईवे नवाबगंज से होकर जाता है।9

आपके लिए इसका मतलब

  • घूमने वालों के लिए: लखनऊ से पास होने की वजह से पक्षी विहार एक दिन की सैर के लिए आसान जगह है। प्रवासी पक्षी देखने हों तो सर्दियों में जाएं।
  • आना-जाना: मोहन और हसनगंज की तरफ़ से लखनऊ का रास्ता SH-40 है, और नवाबगंज की तरफ़ से लखनऊ–कानपुर हाईवे।
  • ज़मीन के काग़ज़: बीघा-बिस्वा की नाप को एरिया कन्वर्टर से वर्ग फ़ुट और एकड़ में बदलें। रजिस्ट्री ख़र्च के लिए स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हसनगंज तहसील में कौन-कौन से कस्बे हैं?
जनगणना 2011 के समय हसनगंज तहसील में छह नगर पंचायतें थीं: मोहन, नवाबगंज, रसूलाबाद, हैदराबाद, न्योतनी और औरास। इनमें मोहन सबसे बड़ा था, आबादी 15,071।
नवाबगंज पक्षी विहार का नया नाम क्या है?
2015 में इसका नाम शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार किया गया। यह हसनगंज तहसील में लखनऊ–कानपुर हाईवे पर 224.6 हेक्टेयर का वेटलैंड है और रामसर सूची में दर्ज है।
हसनगंज तहसील की आबादी और साक्षरता कितनी है?
जनगणना 2011 में आबादी 7,19,998 थी और साक्षरता 62.3%। पुरुषों में साक्षरता 71.53% और महिलाओं में 51.97% थी।
हसनगंज तहसील मुख्यालय कब बना?
1903 के उन्नाव गज़ेटियर के मुताबिक़ करीब 1890 में तहसील मुख्यालय मोहन से हसनगंज लाया गया। थाना भी उसी समय हसनगंज आया।