तहसील

सफ़ीपुर तहसील, उन्नाव — आबादी, कस्बे, औद्योगिक आस्थान और इतिहास

सफ़ीपुर उन्नाव से उत्तर-पश्चिम की तहसील है। जनगणना 2011 के समय बांगरमऊ इलाका भी इसी में गिना गया था, इसलिए उस समय के आंकड़े आज की तहसील से बड़े हैं।

जानकारी जांची गई:

सफ़ीपुर तहसील की आबादी जनगणना 2011 में 7,11,612 थी और क्षेत्रफल 1,025.26 वर्ग किमी।12 ये आंकड़े उस समय की तहसील के हैं, जिसमें बांगरमऊ इलाका भी था।3 अब बांगरमऊ अलग तहसील है, इसलिए आज की सफ़ीपुर तहसील इससे छोटी है।4 मुख्यालय सफ़ीपुर कस्बा उन्नाव शहर से करीब 27 किमी उत्तर-पश्चिम में है।5

एक नज़र में (जनगणना 2011, तब की सीमा)

क्या जानकारी
आबादी 7,11,612 (पुरुष 3,76,334; महिला 3,35,278)
क्षेत्रफल 1,025.26 वर्ग किमी
लिंगानुपात 891 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष
साक्षरता 62.21% (पुरुष 71.37%, महिला 51.86%)
परिवार 1,26,794
गांव 400
कस्बे 6

स्रोत: जनगणना 2011 के तहसीलवार आंकड़े।1

2011 के कस्बे

जनगणना 2011 में इस तहसील में ये नगर निकाय गिने गए थे:3

नगर निकाय किस्म आबादी (2011)
बांगरमऊ नगर पालिका परिषद 44,204
सफ़ीपुर नगर पंचायत 25,688
गंज मुरादाबाद नगर पंचायत 10,957
कुरसठ नगर पंचायत 6,770
फ़तेहपुर चौरासी नगर पंचायत 6,715
ऊगू नगर पंचायत 6,318

बंटवारे के बाद इनमें से कौन-से कस्बे किस तहसील में गए, इसकी आधिकारिक सूची हमें नहीं मिली। इसलिए हमने यह तालिका 2011 की तहसील के हिसाब से ही दी है।

सफ़ीपुर कस्बा

  • आबादी (2011): 25,688, जिसमें 13,299 पुरुष और 12,389 महिलाएं। लिंगानुपात 932।5
  • साक्षरता: 60.9% (पुरुष 66.8%, महिला 54.5%)।5
  • क्षेत्रफल: 8.5 वर्ग किमी।5
  • क्या बनता है: जनगणना हैंडबुक में स्टील के बक्से, अलमारी, फ़र्नीचर और अगरबत्ती दर्ज हैं।5
  • सफ़ीपुर ब्लॉक: 116 गांव।5

नाम और इतिहास

1903 के उन्नाव गज़ेटियर के मुताबिक़ कस्बा 14वीं सदी में साईपुर नाम से बसा।5 बाद में इसका नाम 16वीं सदी के सूफ़ी संत मख़दूम शाह सफ़ी के नाम पर सफ़ीपुर पड़ा। उनकी दरगाह कस्बे की सबसे अहम जगह है। आइन-ए-अकबरी में सफ़ीपुर एक परगने का मुख्यालय दर्ज है।5

उद्योग

जिला उद्योग केंद्र के दो मिनी औद्योगिक आस्थान इस इलाके में हैं:6

आस्थान ज़मीन प्लॉट आवंटित
सफ़ीपुर 7,392 वर्ग मीटर 88 69
फ़तेहपुर चौरासी 19,992 वर्ग मीटर 238 213

फ़तेहपुर चौरासी आस्थान प्लॉट की गिनती में जिले का सबसे बड़ा है।6 फ़तेहपुर चौरासी 2011 में सफ़ीपुर तहसील में गिना गया था।3 जिले के ODOP उत्पाद, ज़री-ज़रदोज़ी और चमड़ा, के बारे में उन्नाव जिला पेज पर पढ़ें।7

आपके लिए इसका मतलब

  • काग़ज़ों में तहसील देखें: 2011 के बाद तहसील की सीमा बदली है। ज़मीन के रिकॉर्ड, खतौनी या रजिस्ट्री में अपने गांव की मौजूदा तहसील ज़रूर जांचें, ख़ासकर बांगरमऊ की तरफ़ के गांवों में।
  • छोटा उद्यम: सफ़ीपुर आस्थान में कुछ प्लॉट ख़ाली दर्ज हैं। ताज़ा स्थिति जिला उद्योग केंद्र से पूछें।
  • रजिस्ट्री ख़र्च: स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से निकालें। पड़ोसी हरदोई जिला और हसनगंज तहसील के पेज भी देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सफ़ीपुर उन्नाव से कितनी दूर है?
जनगणना हैंडबुक के आधार पर सफ़ीपुर कस्बा उन्नाव शहर से करीब 27 किमी उत्तर-पश्चिम में है।
सफ़ीपुर का नाम कैसे पड़ा?
1903 के उन्नाव गज़ेटियर के मुताबिक़ कस्बा 14वीं सदी में साईपुर नाम से बसा था। बाद में 16वीं सदी के सूफ़ी संत मख़दूम शाह सफ़ी के नाम पर इसका नाम सफ़ीपुर पड़ा, जिनकी दरगाह यहीं है।
क्या बांगरमऊ सफ़ीपुर तहसील में आता है?
अब नहीं। बांगरमऊ अब अलग तहसील है। पर जनगणना 2011 के समय जिले में 5 ही तहसीलें थीं और बांगरमऊ कस्बा सफ़ीपुर तहसील में गिना गया था।
सफ़ीपुर में कौन-सा औद्योगिक आस्थान है?
जिला उद्योग केंद्र का सफ़ीपुर मिनी औद्योगिक आस्थान है, जिसमें 88 प्लॉट दर्ज हैं। पास का फ़तेहपुर चौरासी आस्थान 238 प्लॉट के साथ जिले में प्लॉट की गिनती में सबसे बड़ा है।