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मलिहाबाद तहसील, लखनऊ: आबादी, ब्लॉक, गांव और दशहरी आम पट्टी

मलिहाबाद लखनऊ जिले की लगभग पूरी तरह ग्रामीण तहसील है। जनगणना 2011 में इसकी आबादी 3,68,453 थी, और इसमें 187 गांव और सिर्फ़ एक शहर, मलिहाबाद नगर पंचायत, गिना गया। यह इलाका देशभर में मलिहाबादी दशहरी आम के लिए जाना जाता है।

जानकारी जांची गई:

मलिहाबाद लखनऊ जिले की पांच तहसीलों में से एक है। यहां की पहचान खेती और ख़ासकर आम के बाग़ों से है। जिले की कुल आबादी में इसका हिस्सा छोटा है, पर क्षेत्रफल के हिसाब से यह एक बड़ा ग्रामीण इलाका है।

मलिहाबाद एक नज़र में

क्या जानकारी
जिला लखनऊ
आबादी (जनगणना 2011) 3,68,453 (पुरुष 1,93,230; महिला 1,75,223)1
लिंगानुपात (जनगणना 2011) 907 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष1
परिवार (जनगणना 2011) 65,8631
क्षेत्रफल करीब 475 वर्ग किमी12
गांव (जनगणना 2011) 1871
शहर मलिहाबाद नगर पंचायत — 17,818 (जनगणना 2011)34
ब्लॉक मलिहाबाद, माल45
विधानसभा सीट मलिहाबाद (SC), मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र में6

ये आंकड़े जनगणना 2011 की तहसील सीमा के हैं। गांवों की गिनती अलग-अलग सूचियों में 185 से 188 के बीच मिलती है; यहां तहसील के कुल योग वाली संख्या दी गई है।123

गांवों की तहसील

मलिहाबाद में शहरी आबादी बहुत कम है। 2011 में तहसील के 3.68 लाख लोगों में से सिर्फ़ 17,818 लोग मलिहाबाद नगर पंचायत में रहते थे।13 बाकी सब गांवों में थे।

जनगणना 2011 में तहसील के सबसे बड़े गांव ये थे:3

गांव आबादी (2011)
जिंदौर 12,323
ससपन 8,378
कसमंडी खुर्द 7,907
माल 6,429
कसमंडी कलां 6,005

माल गांव उसी नाम के ब्लॉक का मुख्यालय है। जनगणना 2011 में माल ब्लॉक में 87 गांव थे, और उनकी कुल आबादी 1,70,962 थी।5 मलिहाबाद ब्लॉक में 100 गांव गिने गए।4

दशहरी आम की पट्टी

मलिहाबाद को आम की पट्टी के रूप में जाना जाता है।47 दशहरी के अलावा यहां चौसा, लंगड़ा और सफ़ेदा भी उगते हैं।4 ‘मलिहाबादी दशहरी’ नाम को GI टैग मिला हुआ है।78 GI का मतलब है कि यह नाम इसी इलाके के आम के लिए सुरक्षित है।

दशहरी किस्म का मूल पेड़ काकोरी के पास दशहरी गांव में बताया जाता है, जो मलिहाबाद और लखनऊ के बीच है।7 आम पर शोध करने वाले ICAR के केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH) की शुरुआत 1972 में केंद्रीय आम अनुसंधान केंद्र के रूप में हुई थी। इसका प्रायोगिक फ़ार्म रहमानखेड़ा में है।9

मलिहाबाद की पहचान

मलिहाबाद से कई जाने-माने लोग जुड़े रहे हैं। इनमें शायर जोश मलिहाबादी और पत्रकार अब्दुर रज़्ज़ाक़ मलिहाबादी शामिल हैं।4

आपके लिए इसका मतलब

  • ज़मीन के काम: मलिहाबाद के ज़्यादातर गांव राजस्व रिकॉर्ड में मलिहाबाद तहसील के तहत आते हैं। खतौनी देखते समय तहसील और गांव का नाम ठीक चुनें। बीघा-बिस्वा का हिसाब एरिया कन्वर्टर से समझें।
  • बाग़वानों के लिए: GI टैग वाले नाम का इस्तेमाल सिर्फ़ इसी इलाके के आम के लिए हो सकता है। बिक्री और ब्रांडिंग में यह एक पहचान है।
  • SCR के संदर्भ में: SCR का रीजनल प्लान अभी बनना बाकी है। बाग़ों और खेती वाले इलाकों को प्लान में किस उपयोग में दिखाया जाएगा, यह ड्राफ्ट आने पर ही साफ़ होगा। स्थिति SCR क्या है और इंफ्रा ट्रैकर पर देखें।

लखनऊ की बाकी तहसीलें जिला पेज पर हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मलिहाबाद तहसील में कितने गांव हैं?
जनगणना 2011 के तहसील योग में मलिहाबाद में 187 गांव और एक शहर (मलिहाबाद नगर पंचायत) था; कुछ सूचियों में यह संख्या 185 या 188 मिलती है। किसी गांव के खसरा-खतौनी के लिए upbhulekh.gov.in पर तहसील के रूप में मलिहाबाद चुनें।
मलिहाबाद तहसील में कौन-कौन से ब्लॉक आते हैं?
मलिहाबाद तहसील में मलिहाबाद और माल ब्लॉक आते हैं। ग्राम पंचायत और विकास योजनाओं का काम इन्हीं ब्लॉक दफ़्तरों से होता है।
मलिहाबादी दशहरी आम को GI टैग मिला है?
हां। ‘मलिहाबादी दशहरी’ नाम GI टैग से सुरक्षित है, यानी यह नाम इसी इलाके में उगने वाले आम के लिए है। GI मिलने के साल को लेकर स्रोतों में 2009 और 2010 का फ़र्क़ मिलता है।
मलिहाबाद तहसील की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 के मुताबिक़ 3,68,453 — इनमें 1,93,230 पुरुष और 1,75,223 महिलाएं हैं। इसके बाद के आधिकारिक आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं।