विश्लेषण
PM MITRA टेक्सटाइल पार्क: लखनऊ–हरदोई सीमा का 1,000 एकड़ का उद्योग केंद्र — कहां पहुंचा, आगे क्या
जानकारी जांची गई: | प्रकाशित: | एससीआर टाइम्स
लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक के अटारी गांव में, हरदोई की सीमा से सटा, 1,000 एकड़ का PM MITRA मेगा टेक्सटाइल पार्क बन रहा है।23 27 अक्टूबर 2026 को प्रदेश कैबिनेट ने रैमकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को इसका मास्टर डेवलपर चुनने को मंज़ूरी दी।1 यह SCR के छह जिलों के सबसे बड़े तय औद्योगिक प्रोजेक्ट में से एक है। इस विश्लेषण में हम बता रहे हैं कि पार्क क्या है, आज कहां खड़ा है, कौन ज़िम्मेदार है, आगे क्या होना है और आपके लिए इसका क्या मतलब है।
एक नज़र में
- जगह: अटारी गांव, मलिहाबाद, लखनऊ। कुल 1,000 एकड़ में से 730 एकड़ लखनऊ जिले में और 270 एकड़ हरदोई जिले में।23
- मास्टर डेवलपर: रैमकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड। टेंडर में एक ही बोली आई थी, जिसे कैबिनेट ने स्वीकार किया।114
- लागत: पार्क के विकास की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये।1
- निर्माण: पांच साल। कुल रियायत अवधि 50 साल।1
- उम्मीद: करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश और एक लाख से ज़्यादा नौकरियां।23
PM MITRA पार्क है क्या
PM MITRA का पूरा नाम है पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पार्क। केंद्र सरकार ने इस स्कीम में देश के सात राज्यों में ऐसे पार्क चुने हैं। उत्तर प्रदेश का पार्क लखनऊ में है।9 पूरी स्कीम का बजट 4,445 करोड़ रुपये है, और इसकी अवधि 2021-22 से 2027-28 तक है।78
इन पार्कों का विचार सीधा है। कपड़ा उद्योग की पूरी कड़ी एक ही जगह हो — कताई (स्पिनिंग), बुनाई, रंगाई-छपाई (प्रोसेसिंग) और सिलाई (गारमेंट)। इससे माल को एक शहर से दूसरे शहर ढोने का ख़र्च और समय बचता है। Invest UP के मुताबिक़ लखनऊ पार्क में भी स्पिनिंग से लेकर गारमेंटिंग तक की इकाइयां होंगी।11
हर पार्क कम से कम 1,000 एकड़ का होता है।6 केंद्र ग्रीनफ़ील्ड पार्क को उसकी लागत का 30% तक, अधिकतम 500 करोड़ रुपये, विकास पूंजी सहायता के रूप में देता है। इसके अलावा हर पार्क में जल्दी आने वाली इकाइयों के लिए 300 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन रखा गया है।7 यह प्रोत्साहन इकाई के सालाना कारोबार (टर्नओवर) का 3% है। 300 करोड़ या उससे ज़्यादा निवेश करने वाली एंकर इकाई को सालाना 10 करोड़ और कुल 30 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं। 100 से 300 करोड़ के निवेश पर सालाना 5 करोड़ और कुल 15 करोड़ रुपये तक। बाकी इकाइयों को, जिनमें कम से कम 100 लोग काम करते हों, सालाना 1 करोड़ और कुल 3 करोड़ रुपये तक।2
जगह और कनेक्टिविटी
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय के पेज के मुताबिक़ पार्क से लखनऊ का चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट 45 किमी दूर है।3 लखनऊ–हरदोई का चार लेन वाला NH-731 करीब 15 किमी और किसान पथ (आउटर रिंग रोड) भी करीब 15 किमी है। मलिहाबाद रेलवे स्टेशन 15 किमी, इटौंजा 18 किमी और चारबाग करीब 30 किमी दूर है। ज़िला सड़क MDR-74C पार्क की ज़मीन से होकर गुज़रती है।3 दिसंबर 2024 की फ़िज़िबिलिटी रिपोर्ट में लखनऊ शहर से दूरी करीब 37 किमी बताई गई है।5
पार्क में क्या-क्या बनेगा
27 अक्टूबर के कैबिनेट नोट के मुताबिक़ मास्टर डेवलपर पार्क में ये सुविधाएं बनाएगा:1
- अंदरूनी सड़कें, बिजली वितरण और बारिश के पानी की निकासी
- पानी और गंदे पानी के शोधन की व्यवस्था, साझा एफ़्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) और साझा बॉयलर
- प्लग-एंड-प्ले फ़ैक्ट्री शेड और इनक्यूबेशन सेंटर
- मज़दूरों, ख़ासकर महिलाओं के लिए हॉस्टल और आवास
- स्वास्थ्य सुविधा, प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट
- लॉजिस्टिक्स और खेल की सुविधाएं
दिसंबर 2024 के टेंडर दस्तावेज़ में CETP को "ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज" वाला बताया गया था। यानी शोधित पानी बाहर नहीं बहाया जाएगा।4 निदेशालय के पेज पर 132 केवी का बिजली उपकेंद्र और 16 MLD का जल शोधन संयंत्र प्रस्तावित बताए गए हैं।3 ख़बरों के मुताबिक़ कैबिनेट नोट में राज्य सरकार की ओर से छह लेन सड़क, लगातार बिजली और पानी देने की बात भी है।1415
अब तक का सफ़र: पुष्ट पड़ाव
नीचे की तालिका में सबसे नया पड़ाव सबसे ऊपर है।
| तारीख़ | क्या हुआ | स्रोत |
|---|---|---|
| 27 अक्टूबर 2026 | कैबिनेट ने अकेली बोली स्वीकार की और रैमकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को पसंदीदा बोलीदाता (मास्टर डेवलपर) चुनने को मंज़ूरी दी; अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये | 114 |
| 27 जून और 3 जुलाई 2026 | मास्टर डेवलपर के लिए टेंडर (RFP) का नोटिस 8 शहरों के 6 अख़बारों और ऑनलाइन पोर्टल पर छपा | 1 |
| मई 2026 | ख़बर के मुताबिक़ कैबिनेट ने रैथा अंडरपास से पार्क तक 14.28 किमी छह लेन सड़क को मंज़ूरी दी; PWD का प्रोजेक्ट | 12 |
| 27 मार्च 2026 | राज्यसभा में केंद्र ने बताया कि सात तय PM MITRA साइटों में लखनऊ शामिल है | 9 |
| 17 दिसंबर 2025 | वस्त्र मंत्रालय और NICDC ने संभावित मास्टर डेवलपरों से परामर्श किया; लखनऊ उन तीन पार्कों में, जो DBFOT मॉडल पर बनेंगे | 6 |
| 2 अप्रैल 2025 | लोकसभा में केंद्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश की साइट को पर्यावरण मंज़ूरी मिल चुकी है | 7 |
| 22 मार्च 2025 | लखनऊ में निवेशक सम्मेलन; 5,269.85 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, 96 औद्योगिक इकाइयों के MoU, 569 एकड़ ज़मीन की मांग | 313 |
| 2 दिसंबर 2024 | पहला अंतरराष्ट्रीय टेंडर (RFP) जारी; तब अनुमानित लागत 1,680 करोड़ रुपये | 4 |
| 18 अप्रैल 2023 | केंद्रीय वस्त्र मंत्री ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पार्क लॉन्च किया; 67 निवेशकों से 2,396.85 करोड़ रुपये के MoU प्रस्ताव | 2 |
| 17 मार्च 2023 | राज्य सरकार ने लखनऊ–हरदोई के बीच 1,000 एकड़ के पार्क की घोषणा की; तब लागत करीब 1,200 करोड़ रुपये आंकी गई | 10 |
आंकड़ों में जो फ़र्क है
पार्क की लागत का आंकड़ा समय के साथ बदला है। मार्च 2023 की सरकारी विज्ञप्ति में यह करीब 1,200 करोड़ रुपये था।10 दिसंबर 2024 के टेंडर में 1,680 करोड़ रुपये।4 और अक्टूबर 2026 के कैबिनेट नोट में 1,947 करोड़ रुपये।1 सरकारी दस्तावेज़ों में बदलाव की वजह नहीं बताई गई है।
निर्माण की अवधि भी दो दस्तावेज़ों में अलग है। दिसंबर 2024 के टेंडर में यह छह साल थी।4 अक्टूबर 2026 के कैबिनेट नोट में पांच साल है।1 हम नए आंकड़े को आगे का आधार मान रहे हैं।
नौकरियों के आंकड़े भी दो तरह से आए हैं। अप्रैल 2023 में केंद्र ने एक लाख सीधी और दो लाख अप्रत्यक्ष नौकरियों की बात कही थी।2 अक्टूबर 2026 के कैबिनेट नोट में करीब एक लाख रोज़गार का अनुमान है।1 ये दोनों अनुमान हैं, गिनी हुई नौकरियां नहीं।
सड़क के बारे में भी दो ख़बरें हैं। सितंबर 2025 की एक रिपोर्ट में रैथा अंडरपास से पार्क तक की सड़क चार लेन बताई गई थी।16 मई 2026 की अमर उजाला की ख़बर में यह छह लेन है।12 ख़बर के मुताबिक़ IIM लखनऊ से रैथा अंडरपास तक करीब 8.7 किमी सड़क चौड़ी होगी। दोनों हिस्सों की संशोधित लागत 546.52 करोड़ रुपये है, जिसे व्यय वित्त समिति ने मंज़ूरी दी है।12 सड़क का आधिकारिक नोट हमें नहीं मिला, इसलिए यह जानकारी ख़बर के हवाले से है।
कौन ज़िम्मेदार है
- केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय: पूरी PM MITRA स्कीम का नोडल मंत्रालय। विकास पूंजी सहायता और प्रोत्साहन यहीं से आते हैं।6
- NICDC (नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन): प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी। DPR की जांच, PPP ढांचा, टेंडर और निगरानी इसका काम है।6
- पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड: पार्क की कंपनी (SPV)। इसमें प्रदेश सरकार की 51% और केंद्र की 49% हिस्सेदारी है।13 इसका दफ़्तर लखनऊ के कैसरबाग में निर्यात भवन में है।4
- प्रदेश का हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग: इसने पार्क की ज़मीन SPV को 99 साल की लीज़ पर एक रुपये प्रति एकड़ सालाना पर दी है।1 टेंडर दस्तावेज़ में संयुक्त आयुक्त (वस्त्र) नोडल अफ़सर हैं।4
- लोक निर्माण विभाग (PWD): ख़बर के मुताबिक़ पार्क तक पहुंचने वाली सड़क का काम इसके पास है।12
- रैमकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड: चुना गया मास्टर डेवलपर। पार्क का डिज़ाइन, निर्माण, पैसा जुटाना और 50 साल तक चलाना इसकी ज़िम्मेदारी होगी (DBFOT मॉडल)।1
आगे क्या होगा: सिर्फ़ आधिकारिक कदम
- करार: दिसंबर 2024 के टेंडर की शर्तों में चुने गए बोलीदाता के साथ रियायत करार (कंसेशन एग्रीमेंट) अवॉर्ड लेटर के 45 दिन के भीतर होना था। "अपॉइंटेड डेट" करार के 180 दिन बाद मानी जानी थी।4 नए टेंडर की ये शर्तें सार्वजनिक नहीं हैं। करार की तारीख़ आधिकारिक रूप से आने पर हम बताएंगे।
- निर्माण: कैबिनेट नोट के मुताबिक़ निर्माण पांच साल में होगा, और रियायत अवधि अपॉइंटेड डेट से 50 साल की है।1
- केंद्र की सहायता: भारत सरकार पात्र लागत का 30%, अधिकतम 500 करोड़ रुपये, अनुदान के रूप में देगी।1
- बाहरी सुविधाएं: राज्य सरकार सड़क, बिजली और पानी पार्क तक पहुंचाएगी।1415 132 केवी उपकेंद्र और 16 MLD जल शोधन संयंत्र प्रस्तावित हैं।3
- इकाइयों को ज़मीन: निवेशकों को प्लॉट कब और किस दर पर मिलेंगे, यह अभी घोषित नहीं हुआ है। यह जानकारी SPV या विभाग की ओर से ही आएगी।
एक बात ध्यान में रखें। सात पार्कों वाली स्कीम की अवधि 2027-28 तक है।8 लखनऊ पार्क का निर्माण इससे आगे तक चलेगा। स्कीम आगे बढ़ेगी या नहीं, इस पर कोई आधिकारिक घोषणा हमें नहीं मिली।
SCR के लिए यह पार्क क्यों अहम है
SCR के छह में से चार जिलों की पहचान कपड़े या कढ़ाई से जुड़ी है। एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) में लखनऊ का उत्पाद चिकनकारी और ज़री-ज़रदोज़ी है। हरदोई और बाराबंकी के उत्पाद हथकरघा और टेक्सटाइल हैं। उन्नाव का एक उत्पाद ज़री-ज़रदोज़ी है। (पूरी सूची हमारे ODOP पेज पर है।) ऐसे में बड़े पैमाने वाली कताई, बुनाई और प्रोसेसिंग इकाइयां पास आने से इन कारीगरों को धागा, कपड़ा और बाज़ार नज़दीक मिल सकता है।
पार्क का करीब एक चौथाई हिस्सा हरदोई जिले में है।3 इसलिए यह सिर्फ़ लखनऊ का नहीं, SCR के दो जिलों का साझा प्रोजेक्ट है। मलिहाबाद तहसील और हरदोई की संडीला तहसील सबसे क़रीब हैं। SCR की रीजनल प्लानिंग में इंडस्ट्रियल पार्क और लॉजिस्टिक्स हब की जगहें अभी तय होनी हैं (SCR क्या है)। उनसे पहले ही यह पार्क ज़मीन, एजेंसी और पैसे के साथ आगे बढ़ चुका है।
आपके लिए इसका मतलब
मलिहाबाद, इटौंजा और संडीला के आसपास रहने वालों के लिए: अगले पांच साल में इलाके में सड़क, बिजली और पानी का बड़ा काम होगा। निर्माण के दौरान भारी गाड़ियों की आवाजाही बढ़ेगी। पार्क की ज़मीन सरकारी है और लीज़ पर SPV को दी गई है।1 पार्क के नाम पर आसपास के प्लॉट या कॉलोनी में "जल्दी ख़रीदें" जैसे दावों पर भरोसा न करें। ज़मीन का इस्तेमाल मौजूदा मास्टर प्लान से तय होता है, जिसे लैंड यूज़ और ज़ोनिंग वाले पेज पर समझ सकते हैं।
बुनकरों और छोटे कारोबारियों के लिए: हरदोई और बाराबंकी के हथकरघा बुनकरों और लखनऊ के चिकन कारोबारियों के लिए पास में बड़ी प्रोसेसिंग और गारमेंट इकाइयां होंगी। प्रदेश की टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति 2022 में कई छूटें हैं। इनमें कम से कम 50 लोगों को काम देने वाली इकाई को प्लांट-मशीनरी पर 25% कैपिटल सब्सिडी है। नई इकाई को 10 साल तक बिजली शुल्क से पूरी छूट है।11 पार्क की इकाइयों को 100% स्टांप ड्यूटी छूट और 50 कर्मचारियों वाली इकाई को पांच साल तक 2 रुपये प्रति यूनिट (सालाना 60 लाख रुपये तक) बिजली सब्सिडी की बात केंद्र ने 2023 में बताई थी।2 हर छूट की पूरी शर्तें नीति में और निवेश मित्र पोर्टल पर देखें।
नौकरी ढूंढ रहे युवाओं के लिए: कपड़ा और गारमेंट उद्योग में सबसे ज़्यादा काम सिलाई, मशीन चलाने, क्वालिटी जांच और पैकिंग में होता है। पार्क में ही ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा बननी है, और महिला मज़दूरों के लिए हॉस्टल भी।1 ध्यान रखें कि निर्माण पांच साल का है। फ़ैक्ट्रियां बनने के बाद ही बड़ी संख्या में भर्तियां होंगी। तब तक किसी "PM MITRA पार्क भर्ती" के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। भर्ती की जानकारी सिर्फ़ सरकारी या कंपनी के आधिकारिक माध्यम से लें।
छात्रों के लिए: टेक्सटाइल डिज़ाइन, फ़ैशन टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन जैसे कोर्स आगे चलकर पास में ही काम दिला सकते हैं। पार्क में इनक्यूबेशन सेंटर भी बनना है, जो नए उद्यमियों के काम आ सकता है।1
उद्योग लगाने वालों के लिए: मार्च 2025 के निवेशक सम्मेलन में 569 एकड़ ज़मीन की मांग आ चुकी थी।3 पार्क का औद्योगिक हिस्सा सीमित है, इसलिए रुचि रखने वाले उद्यमी SPV और हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग से सीधे संपर्क रखें। प्लॉट आवंटन की आधिकारिक प्रक्रिया आने पर हम उसे यहां जोड़ेंगे।
आगे हम क्या देखेंगे
रियायत करार की तारीख़, निर्माण की शुरुआत, सड़क का काम और प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया — ये चार अगले बड़े पड़ाव हैं। SCR के सभी बड़े प्रोजेक्ट की स्थिति हमारे इंफ्रा ट्रैकर पर है। पिछले हफ़्ते की कैबिनेट ख़बरें SCR इस हफ़्ते (1 नवंबर 2026) में पढ़ें। SCR प्राधिकरण कैसे काम करता है, यह हमारे कॉलम में है।
स्रोत
- मंत्रिपरिषद के निर्णय — सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश, 27 अक्टूबर 2026
- PM Mitra Park in Lucknow and Hardoi to provide employment opportunities to skilled manpower of UP — PIB (वस्त्र मंत्रालय), 18 अप्रैल 2023
- पीएम मित्र पार्क — हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार, 1 नवंबर 2026 को देखा
- RFP: PM MITRA Mega Textile and Apparel Park at Lucknow (DBFOT) — पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड / Invest UP, 2 दिसंबर 2024
- Feasibility Report for PM-MITRA Park at Lucknow — पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड / Invest UP, दिसंबर 2024
- NICDC and Ministry of Textiles conduct stakeholder consultation with master developers for PM MITRA Parks — PIB, 17 दिसंबर 2025
- Parliament Question: Implementation of PM MITRA Scheme — PIB (लोकसभा उत्तर), 2 अप्रैल 2025
- PM MITRA Parks — PIB (लोकसभा उत्तर), 3 फ़रवरी 2026
- Establishment of new textile parks under PM MITRA Scheme — PIB (राज्यसभा उत्तर), 27 मार्च 2026
- UP's Mega Textile Park will bring massive investment — उत्तर प्रदेश सरकार की विज्ञप्ति / Invest UP, 17 मार्च 2023
- हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग सेक्टर — इन्वेस्ट यूपी, उत्तर प्रदेश सरकार, 1 नवंबर 2026 को देखा
- रैथा अंडरपास से पीएम मित्र पार्क तक बनेगी छह लेन सड़क — अमर उजाला, 5 मई 2026
- PM MITRA Powers Uttar Pradesh's Textile Transformation — SMEStreet, 6 सितंबर 2026
- UP Cabinet clears Rs 1,947-cr textile park project — Revoi.in (डीडी न्यूज़ के हवाले से), 27 अक्टूबर 2026
- UP gives green light to Rs 19.47 billion textile park and urban infrastructure projects — Indian Textile Journal, 30 अक्टूबर 2026
- PM Mitra Textile Park Set to Enjoy Enhanced Connectivity with New 4-Lane Road — Textile Value Chain, 30 सितंबर 2025