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लालगंज तहसील, रायबरेली — कोच फ़ैक्ट्री, आबादी, ब्लॉक और कनेक्टिविटी

लालगंज तहसील की सबसे बड़ी पहचान भारतीय रेल की मॉडर्न कोच फ़ैक्ट्री है, जिसने 2025-26 में 2,126 कोच बनाए। जनगणना 2011 के हिसाब से साक्षरता में भी यह जिले की सबसे आगे की तहसील है।

जानकारी जांची गई:

लालगंज तहसील उन्नाव से रायबरेली आने वाले NH-31 पर है।6 जनगणना 2011 में यहां 5,21,260 लोग रहते थे।1 तहसील को देशभर में भारतीय रेल की मॉडर्न कोच फ़ैक्ट्री (MCF) की वजह से जाना जाता है।2

एक नज़र में

क्या जानकारी (जनगणना 2011)
आबादी 5,21,260 (पुरुष 2,69,245; महिला 2,52,015)1
लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 936 महिलाएं1
साक्षर लोग 3,43,960 — 7 साल से ऊपर की आबादी में करीब 75%, जिले में सबसे ज़्यादा1
परिवार 95,0911
क्षेत्रफल 715.47 वर्ग किमी (गांव 711.35, शहर 4.12)1
शहरी आबादी 23,124 — लालगंज नगर पंचायत13
ब्लॉक लालगंज, सरेनी, खीरों4

आबादी में लालगंज जिले की दूसरी सबसे बड़ी तहसील है। फिर भी यहां सिर्फ़ करीब 4% लोग शहर में रहते हैं।1 यानी कोच फ़ैक्ट्री के बावजूद तहसील का बड़ा हिस्सा गांवों और खेती पर टिका है।

मॉडर्न कोच फ़ैक्ट्री

  • शुरुआत: फ़ैक्ट्री का उद्घाटन नवंबर 2012 में हुआ। पूरी तरह यहीं बना पहला कोच अगस्त 2014 में निकला।25
  • रकबा: करीब 541 हेक्टेयर।2
  • उत्पादन: 2014-15 में 140 कोच बने थे। 2024-25 में 2,025 और 2025-26 में 2,126 कोच बने। यह इसका अब तक का सबसे ज़्यादा सालाना उत्पादन है।5
  • किस तरह के कोच: वंदे भारत, मेमू, स्लीपर, AC 3-टियर, चेयर कार, तेजस, हमसफ़र, अंत्योदय और पार्सल वैन। मोज़ाम्बिक के लिए निर्यात वाले कोच भी यहां बने।5

उद्योग और छोटे औद्योगिक क्षेत्र

MSME विभाग की जिला प्रोफ़ाइल में लालगंज में UPSIDC (अब UPSIDA) का 10.47 एकड़ का मिनी औद्योगिक क्षेत्र दर्ज है। खीरों (सेमरी) में जिला उद्योग केंद्र का 1 हेक्टेयर का मिनी इंडस्ट्रियल एस्टेट है।4 नाप को एकड़ या बीघा में बदलने के लिए ज़मीन नाप कन्वर्टर काम आएगा।

कनेक्टिविटी

  • NH-31: उन्नाव से लालगंज, रायबरेली, सलोन होकर प्रतापगढ़ की ओर जाता है।6 यानी उन्नाव जिले से सीधा सड़क संपर्क है।
  • जिला मुख्यालय: रायबरेली शहर की रेल और हाईवे सुविधाओं के लिए रायबरेली सदर पेज देखें।

इतिहास: सरेनी, 1942

सरेनी आज लालगंज तहसील का एक ब्लॉक है।4 जिले की वेबसाइट के मुताबिक़ 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सरेनी में भीड़ पर पुलिस ने गोली चलाई थी। इसमें कई लोग शहीद और घायल हुए।7

आपके लिए इसका मतलब

  • नौकरी और कारोबार: कोच फ़ैक्ट्री के आसपास परिवहन, खान-पान, किराये और छोटे सप्लाई कामों की मांग रहती है। फ़ैक्ट्री की भर्ती की जानकारी सिर्फ़ रेलवे के आधिकारिक नोटिस से लें।
  • पढ़ाई: तहसील की ऊंची साक्षरता दर बताती है कि यहां स्कूली पढ़ाई का आधार मज़बूत है। ऊंची पढ़ाई के बड़े संस्थान जिले में कहां हैं, यह रायबरेली जिला पेज पर है।
  • ज़मीन या मकान लेने से पहले: खतौनी, सर्किल रेट और रजिस्ट्री का ख़र्च ख़ुद जांचें। स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से ख़र्च का अंदाज़ा लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रायबरेली की कोच फ़ैक्ट्री किस तहसील में है?
मॉडर्न कोच फ़ैक्ट्री (MCF) लालगंज में है। यह नवंबर 2012 में शुरू हुई और करीब 541 हेक्टेयर में फैली है। 2025-26 में इसने 2,126 कोच बनाए।
लालगंज तहसील में कौन-कौन से ब्लॉक हैं?
जिला उद्योग प्रोफ़ाइल के मुताबिक़ लालगंज तहसील में तीन ब्लॉक हैं: लालगंज, सरेनी और खीरों।
लालगंज तहसील की आबादी और साक्षरता कितनी है?
जनगणना 2011 में आबादी 5,21,260 थी। 3,43,960 लोग साक्षर थे, यानी 7 साल से ऊपर की आबादी में करीब 75%। यह रायबरेली की छह तहसीलों में सबसे ऊंची दर है।
लालगंज से कौन सा हाईवे गुज़रता है?
NH-31 उन्नाव से लालगंज होकर रायबरेली, सलोन और प्रतापगढ़ की ओर जाता है। रायबरेली के पास यह NH-30 से मिलता है।