तहसील

सलोन तहसील, रायबरेली — आबादी, लिंगानुपात, ब्लॉक, दो कस्बे और इतिहास

सलोन रायबरेली की दक्षिण-पूर्वी तहसील है, जो 2010 में कुछ समय के लिए नए अमेठी जिले में गई थी और फिर लौट आई। जनगणना 2011 में यहां का लिंगानुपात 970 था, जो जिले में सबसे ऊंचा है।

जानकारी जांची गई:

सलोन तहसील रायबरेली जिले के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में है। सलोन क़स्बा सई नदी के ठीक दक्षिण में बसा है।1 जनगणना 2011 में तहसील की आबादी 4,99,802 थी। आबादी में यह जिले की तीसरी सबसे बड़ी तहसील है।2

एक नज़र में

क्या जानकारी (जनगणना 2011)
आबादी 4,99,802 (पुरुष 2,53,754; महिला 2,46,048)2
लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 970 महिलाएं — जिले की तहसीलों में सबसे ऊंचा2
साक्षर लोग 2,56,030 — 7 साल से ऊपर की आबादी में करीब 60.7%2
परिवार 89,5022
क्षेत्रफल करीब 669 वर्ग किमी (गांव 661.04, शहर 7.50)2
शहरी आबादी 26,610 — सलोन (14,757) और परशदेपुर (11,853) नगर पंचायतें23
ब्लॉक सलोन, छतोह, डीह456

साक्षरता के मामले में सलोन जिले की छह तहसीलों में सबसे पीछे है।2 यानी यहां स्कूल, कोचिंग और कौशल-प्रशिक्षण की ज़रूरत बाकी तहसीलों से ज़्यादा है।

अमेठी गई, फिर लौटी

1 जुलाई 2010 को उत्तर प्रदेश में अमेठी नाम से नया जिला बना, जिसका पहला नाम छत्रपति शाहूजी महाराज नगर था।7 उस समय रायबरेली की सलोन और तिलोई तहसीलें नए जिले में गई थीं।8 सलोन बाद में रायबरेली में लौट आई।9 केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2023 की रिपोर्ट में सलोन, छतोह और डीह ब्लॉक रायबरेली जिले की सूची में हैं।4 तिलोई अब अमेठी जिले में है।7

ज़मीन के पुराने काग़ज़ों में इस दौर का ज़िक्र मिल सकता है। इसलिए किसी ज़मीन के रिकॉर्ड जांचते वक़्त जिले का नाम ध्यान से देखें।

पुराना इतिहास

परंपरा में सलोन को बसाने का श्रेय शालिवाहन नाम के शासक को दिया जाता है। नवाबी दौर में यह एक चकला (इलाक़ाई प्रशासन) का मुख्यालय था। 1856 में अवध के अंग्रेज़ी राज में जाने के बाद यह कुछ समय जिला मुख्यालय भी रहा। बाद में इसे प्रतापगढ़ में रखा गया और 1869 में रायबरेली में जोड़ा गया।1 क़स्बे के दक्षिण में नवाबी दौर के फ़ौजदार के मिट्टी के किले के अवशेष हैं।1

सड़क और कारोबार

  • सड़क: NH-31 रायबरेली से सलोन होकर प्रतापगढ़ जाता है।10 सलोन क़स्बा रायबरेली–प्रतापगढ़ और जायस–खागा सड़कों के चौराहे पर बसा है।1
  • औद्योगिक क्षेत्र: MSME विभाग की जिला प्रोफ़ाइल में UPSIDC (अब UPSIDA) के तीन मिनी औद्योगिक क्षेत्र यहां दर्ज हैं।11
मिनी औद्योगिक क्षेत्र रकबा
सलोन 11.39 एकड़
परशदेपुर 10.1 एकड़
छतोह 13.81 एकड़ (भारत पेट्रोलियम के लिए आरक्षित)

आपके लिए इसका मतलब

  • ज़मीन के काग़ज़ों के लिए: 2010 के बाद कुछ समय सलोन अमेठी जिले में रहा। पुराने बैनामे या खतौनी में जिले का नाम अलग दिख सकता है। दाख़िल-ख़ारिज और खतौनी की ताज़ा कॉपी तहसील या ऑनलाइन पोर्टल से निकालें।
  • कारोबार के लिए: सलोन और परशदेपुर के मिनी औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट की उपलब्धता UPSIDA या जिला उद्योग केंद्र से पूछें। नाप बदलने के लिए ज़मीन नाप कन्वर्टर देखें।
  • रजिस्ट्री से पहले: सर्किल रेट और स्टांप का ख़र्च ख़ुद जांचें। स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से हिसाब लगाएं।

पड़ोसी तहसीलें: रायबरेली सदर और ऊंचाहार। पूरे जिले की जानकारी रायबरेली जिला पेज पर।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सलोन रायबरेली में है या अमेठी में?
सलोन तहसील अभी रायबरेली जिले में है। 1 जुलाई 2010 को अमेठी जिला बना, तब सलोन और तिलोई तहसीलें उसमें गई थीं। सलोन बाद में रायबरेली में लौट आई, जबकि तिलोई अमेठी में ही है।
सलोन तहसील में कौन-कौन से ब्लॉक हैं?
सलोन तहसील में तीन ब्लॉक हैं: सलोन, छतोह और डीह। जनगणना 2011 के हिसाब से सलोन ब्लॉक में 134, डीह में 71 और छतोह में 58 गांव हैं।
सलोन तहसील की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 में सलोन तहसील की आबादी 4,99,802 थी। इसमें 2,53,754 पुरुष और 2,46,048 महिलाएं थीं। सलोन (14,757) और परशदेपुर (11,853) दो नगर पंचायतें हैं।
सलोन में कौन से औद्योगिक क्षेत्र हैं?
MSME विभाग की जिला प्रोफ़ाइल में तहसील में UPSIDC के तीन मिनी औद्योगिक क्षेत्र दर्ज हैं: सलोन (11.39 एकड़), परशदेपुर (10.1 एकड़) और छतोह (13.81 एकड़, भारत पेट्रोलियम के लिए आरक्षित)।