SCR गाइड
फ़्रीहोल्ड बनाम लीज़होल्ड प्रॉपर्टी: फ़र्क और फ़्रीहोल्ड कराने का रास्ता
फ़्रीहोल्ड में ज़मीन और इमारत पर आपका पूरा और स्थायी हक़ होता है। लीज़होल्ड में ज़मीन तय अवधि के लिए पट्टे पर मिलती है और लीज़ की शर्तें लागू रहती हैं। UP के कई विकास प्राधिकरण लीज़होल्ड प्रॉपर्टी को ऑनलाइन फ़्रीहोल्ड करते हैं।
जानकारी जांची गई:
फ़्रीहोल्ड प्रॉपर्टी में ज़मीन और उस पर बनी इमारत पर मालिक का पूरा कानूनी हक़ होता है, जिसकी कोई समाप्ति-तिथि नहीं होती। लीज़होल्ड में ज़मीन किसी संस्था (जैसे विकास प्राधिकरण या सरकार) से तय अवधि के पट्टे पर मिलती है, और लीज़ की शर्तें मानना ज़रूरी होता है।1 UP के कई विकास प्राधिकरणों में लीज़होल्ड प्रॉपर्टी को ऑनलाइन फ़्रीहोल्ड कराने की सुविधा है।2
दोनों का फ़र्क एक नज़र में
| बात | फ़्रीहोल्ड | लीज़होल्ड |
|---|---|---|
| हक़ | ज़मीन और इमारत पर पूरा, स्थायी | लीज़ की अवधि और शर्तों तक सीमित |
| असली मालिक | आप | ज़मीन देने वाली संस्था (लेसर) |
| बेचना या ट्रांसफ़र | आम तौर पर आसान | लीज़ डीड की शर्तों के हिसाब से |
| क़ीमत | आम तौर पर ज़्यादा | आम तौर पर कम |
| बैंक लोन | गिरवी रखी जा सकती है | लीज़ डीड की शर्तों पर निर्भर |
तालिका में "आम तौर पर" लिखी बातें सामान्य चलन हैं।1 हर लीज़ डीड की शर्तें अलग होती हैं। असली जवाब आपकी लीज़ डीड में लिखा है।
लखनऊ SCR में लीज़होल्ड प्रॉपर्टी कहां मिलती है
- विकास प्राधिकरण की योजनाएं। LDA जैसे प्राधिकरण अपनी आवासीय योजनाओं में प्लॉट और फ़्लैट आवंटित करते हैं। इनके कागज़ में लीज़ डीड या आवंटन पत्र होता है।
- आवास एवं विकास परिषद। इसकी योजनाओं की प्रॉपर्टी पर भी यही बात लागू होती है।2
- नज़ूल ज़मीन। LDA के कामों में नज़ूल ज़मीन का प्रबंधन भी शामिल है।3 नज़ूल ज़मीन सरकार की होती है, जिस पर लोग 15 से 99 साल तक की लीज़ के ज़रिए बसे हैं।4
ऑनलाइन फ़्रीहोल्ड कैसे कराएं
UP के विकास प्राधिकरणों का साझा पोर्टल janhit.upda.in है। इस पर OFHS नाम की सेवा लीज़होल्ड प्रॉपर्टी को फ़्रीहोल्ड में बदलने के लिए है। इसी पोर्टल पर ऑनलाइन नामांतरण (OMMS), डुप्लीकेट आदेश और रिफ़ंड की सेवाएं भी हैं।2
SCR के जिलों से जुड़े ये प्राधिकरण इस पोर्टल पर दर्ज हैं:2
| संस्था | जिला |
|---|---|
| लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) | लखनऊ |
| रायबरेली विकास प्राधिकरण | रायबरेली |
| उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण | उन्नाव |
| उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद | पूरे प्रदेश में इसकी योजनाएं |
आम क़दम:
- अपनी लीज़ डीड, आवंटन पत्र और भुगतान की रसीदें निकालें। प्रॉपर्टी पर प्राधिकरण का कोई बकाया हो, तो पहले उसका हिसाब लें।
- janhit.upda.in पर अपना प्राधिकरण चुनें और OFHS सेवा में आवेदन भरें।2
- पोर्टल पर दी गई ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची और आवेदन का प्रारूप देखकर कागज़ अपलोड करें।2
- प्राधिकरण जो फ़्रीहोल्ड शुल्क तय करे, वह जमा करें।
- मंज़ूरी के बाद प्राधिकरण से फ़्रीहोल्ड डीड लें। आगे के कामों, जैसे नक्शा पास कराने, में यही डीड मालिकाना हक़ का सबूत बनती है।5
शुल्क के बारे में: फ़्रीहोल्ड की रक़म प्राधिकरण के नियम और शासनादेश से तय होती है। हमें इसकी कोई एक, पुष्ट दर नहीं मिली, इसलिए यहां कोई आंकड़ा नहीं दे रहे। आवेदन से पहले प्राधिकरण से अपनी प्रॉपर्टी की रक़म लिखित में लें।
नक्शे और नामांतरण पर असर
2025 के मॉडल बायलॉज़ में नक्शा पास कराने के लिए लीज़ डीड और सेल डीड, दोनों मालिकाना हक़ के मान्य कागज़ हैं। जहां लीज़ डीड अभी बनी नहीं, वहां प्राधिकरण या लीज़ देने वाले की NOC चाहिए। नज़ूल या इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की ज़मीन पर फ़्रीहोल्ड डीड या संबंधित विभाग की NOC लगती है।5 पूरी प्रक्रिया नक्शा पास कराने वाले पेज पर है।
प्राधिकरण की प्रॉपर्टी बिकने पर उसके रिकॉर्ड में नया नाम चढ़ाने (नामांतरण/म्यूटेशन) का शुल्क 2022 के अलग नियमों से तय होता है।6 राजस्व रिकॉर्ड में नाम चढ़ाना अलग प्रक्रिया है, जिसे दाखिल-खारिज पेज पर समझाया गया है।
नज़ूल ज़मीन: अलग मामला
नज़ूल ज़मीन पर फ़्रीहोल्ड का सवाल प्राधिकरण की आम लीज़ से अलग है। सरकार ने 7 मार्च 2024 को नज़ूल पर अध्यादेश जारी किया। फिर उत्तर प्रदेश नज़ूल संपत्ति विधेयक, 2024 विधानसभा से 31 जुलाई 2024 को पास हुआ। इसमें नज़ूल ज़मीन का मालिकाना हक़ (फ़्रीहोल्ड) निजी व्यक्ति या संस्था को देने पर रोक का प्रस्ताव था।4 विधान परिषद ने यह विधेयक प्रवर समिति को भेज दिया।7 इसके बाद की अंतिम स्थिति हम आज पुष्ट नहीं कर पाए। नज़ूल ज़मीन पर कोई सौदा करने से पहले जिला प्रशासन से ताज़ा स्थिति ज़रूर पूछें।
आपके लिए इसका मतलब
- ख़रीदने से पहले: पूछें कि प्रॉपर्टी फ़्रीहोल्ड है या लीज़होल्ड। लीज़होल्ड है, तो लीज़ डीड पढ़ें: अवधि, बिक्री की शर्तें और बकाया।
- बेचने से पहले: लीज़होल्ड प्रॉपर्टी को फ़्रीहोल्ड करा लेने से ख़रीदार के लिए काग़ज़ साफ़ होते हैं।
- रजिस्ट्री का ख़र्च: स्टांप ड्यूटी का अंदाज़ा स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से लगाएं और पूरी प्रक्रिया रजिस्ट्री वाले पेज पर देखें।
- अपना प्राधिकरण पहचानें: SCR के किस जिले में कौन-सी संस्था है, यह विकास प्राधिकरण पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फ़्रीहोल्ड और लीज़होल्ड में से किसमें मालिकाना हक़ पूरा होता है?
LDA की लीज़होल्ड प्रॉपर्टी फ़्रीहोल्ड कराने का आवेदन कहां होता है?
फ़्रीहोल्ड कराने में कितना पैसा लगता है?
क्या लीज़होल्ड प्लॉट पर नक्शा पास हो सकता है?
नज़ूल ज़मीन क्या होती है?
स्रोत
- फ़्रीहोल्ड प्रॉपर्टी क्या है — Bajaj Finserv (हिंदी)
- जनहित पोर्टल — उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण (OFHS, OMMS सेवाएं और प्राधिकरणों की सूची), 20 अक्टूबर 2026 को देखा
- About LDA — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- उत्तर प्रदेश नज़ूल संपत्ति विधेयक 2024 — Sanskriti IAS
- UP Model Building Construction and Development Bye-laws 2025, खंड 2.2.3 — LDA वेबसाइट
- UP Urban Planning and Development (Assessment, Levy and Collection of Mutation Charges) Rules, 2022 — India Code
- नज़ूल विधेयक प्रवर समिति को भेजा गया — आजतक, 2 अगस्त 2024