SCR गाइड
ग्रीन बेल्ट (हरित पट्टी): मास्टर प्लान में मतलब और निर्माण के नियम
ग्रीन बेल्ट या हरित पट्टी मास्टर प्लान की वह ज़मीन है, जो हरियाली, पार्क और खुली जगह के लिए रखी जाती है। यहां आम रिहायशी या कारोबारी निर्माण नहीं होता। किसी प्लॉट की ज़मीन हरित पट्टी में है या नहीं, यह मास्टर प्लान से ही पता चलता है।
जानकारी जांची गई:
ग्रीन बेल्ट या हरित पट्टी मास्टर प्लान में दर्ज वह ज़मीन है, जिसे शहर की हरियाली, पार्क, पेड़ों और खुली जगह के लिए रखा जाता है। यहां आम रिहायशी या कारोबारी निर्माण की इजाज़त नहीं होती। कौन-सी ज़मीन हरित पट्टी है, यह किसी अफ़वाह से नहीं, सिर्फ़ उस शहर के मास्टर प्लान से तय होता है।
मास्टर प्लान में हरित पट्टी कहां दिखती है
मास्टर प्लान शहर की हर ज़मीन को किसी न किसी उपयोग में रखता है: रिहायशी, कारोबारी, औद्योगिक, सरकारी दफ़्तर, पार्क-खुली जगह, कृषि वग़ैरह। हरित पट्टी इन्हीं में से एक श्रेणी है। श्रेणियों का पूरा ढांचा लैंड यूज़ और ज़ोनिंग पेज पर है।
लखनऊ के उदाहरण से समझें:
- लखनऊ मास्टर प्लान 2031 को राज्य सरकार ने 19 दिसंबर 2016 को स्वीकार किया। इसका प्लानिंग एरिया करीब 1,05,125 हेक्टेयर है।1
- इसकी रिपोर्ट में "हरित पट्टी" पर अलग हिस्सा (9.3.9) है।1
- बाढ़ वाले इलाकों के लिए रिपोर्ट पार्क, खेल के मैदान, जंगल, बगीचे, हरित पट्टियां और खुले या मनोरंजन वाले स्थल जैसे कम निर्माण वाले उपयोग बताती है।1
- LDA के ज़ोनिंग रेगुलेशन में हरित पट्टी को कृषि, पार्क और खेल के मैदान के साथ "अविकसित क्षेत्र" वाली श्रेणियों में रखा गया है।2
निर्माण पर क्या असर
1. छोटे प्लॉट की छूट यहां काम नहीं आती। 2025 के मॉडल बायलॉज़ में 100 वर्ग मीटर तक के रिहायशी प्लॉट पर नक्शा पास कराने की ज़रूरत ख़त्म हुई है। पर शर्त यह है कि मास्टर प्लान, ज़ोनल प्लान और बायलॉज़ के सभी नियम माने जाएं।3 यानी जिस ज़मीन का उपयोग मास्टर प्लान में हरित पट्टी है, वहां इस छूट के सहारे मकान बनाना नियम के ख़िलाफ़ होगा। छूट की पूरी शर्तें नक्शा पास वाले पेज पर हैं।
2. ज़मीन देने पर कम्पेन्सेटरी FAR। 2025 के बायलॉज़ ग्रीन बेल्ट को सड़क, पार्क और जनसुविधा जैसा सार्वजनिक उद्देश्य मानते हैं। ऐसे उद्देश्य के लिए ज़मीन देने वाले मालिक को उस ज़मीन के दोगुने क्षेत्रफल के बराबर अतिरिक्त FAR मिलता है। यह FAR किसी और को ट्रांसफ़र नहीं हो सकता।4
3. कम या शून्य FAR। बायलॉज़ में ऐसे प्लॉट का ज़िक्र है, जिनका हिस्सा ग्रीन बेल्ट में दर्ज है और जहां FAR 1.0 से कम है, या FAR और ग्राउंड कवरेज की इजाज़त ही नहीं है।4 FAR का मतलब FAR और ग्राउंड कवरेज पेज पर है।
कौन-सी गतिविधि की इजाज़त है, इसकी सूची: यह हर मास्टर प्लान के ज़ोनिंग रेगुलेशन की तालिका में होती है। LDA की ज़ोनिंग तालिका हमें पढ़ने लायक रूप में नहीं मिली, इसलिए हम यहां गतिविधि-वार सूची नहीं दे रहे। अपने प्लॉट के लिए यह सूची प्राधिकरण से लिखित में लें।
SCR और आगे की प्लानिंग
SCR का कानून (2024) कहता है कि रीजनल प्लान में ज़मीन के उपयोग की नीति के साथ हरित क्षेत्र, शहरी जंगल और मनोरंजन वाले क्षेत्र भी शामिल होंगे।5 मतलब SCR के छहों जिलों में बड़े स्तर पर हरियाली के लिए कौन-सी ज़मीन रखी जाएगी, यह रीजनल प्लान से तय होगा। अभी SCR का सिर्फ़ बेस मैप मंज़ूर हुआ है, ड्राफ्ट रीजनल प्लान आना बाकी है।
दिल्ली NCR का अनुभव भी यही बताता है कि हरित ज़मीन पर अदालतें सख़्त रहती हैं। NCR के रीजनल प्लान 2021 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसलों का हवाला है, जिनमें कृषि और हरियाली वाले उपयोग बचाए रखने की बात कही गई।6 दोनों क्षेत्रों का फ़र्क NCR और SCR पेज पर है।
अपनी ज़मीन कैसे जांचें
- खसरा नंबर निकालें। ज़मीन के कागज़ से गांव और खसरा नंबर लें। खतौनी और खसरा पेज इसमें मदद करेगा।
- मास्टर प्लान देखें। लखनऊ में LDA की वेबसाइट पर "Know Your Land Use" सेवा और मास्टर प्लान 2031 का नक्शा है।7
- लिखित पुष्टि लें। दूसरे जिलों में अपने विकास प्राधिकरण से उस खसरे का भू-उपयोग लिखित में पूछें।
- बेस मैप और रीजनल प्लान पर नज़र रखें। SCR का ड्राफ्ट रीजनल प्लान आने पर उसमें हरित क्षेत्र देखें और ज़रूरत हो तो आपत्ति दें।
आपके लिए इसका मतलब
- प्लॉट ख़रीदने से पहले: ज़मीन का भू-उपयोग ज़रूर देखें। हरित पट्टी में दर्ज ज़मीन पर मकान बनाना नियम के ख़िलाफ़ हो सकता है, चाहे विक्रेता कुछ भी कहे।
- ज़मीन-मालिक: आपकी ज़मीन का हिस्सा ग्रीन बेल्ट या सड़क में आता है, तो कम्पेन्सेटरी FAR के नियम के बारे में प्राधिकरण से पूछें।
- मोहल्ले के लिए: हरित पट्टी शहर की हवा, बाढ़ से बचाव और खुली जगह के लिए होती है। इस पर अवैध निर्माण दिखे, तो प्राधिकरण को बताएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ग्रीन बेल्ट की ज़मीन पर मकान बना सकते हैं?
कैसे पता करें कि मेरा प्लॉट ग्रीन बेल्ट में है?
ग्रीन बेल्ट की ज़मीन देने पर मालिक को क्या मिलता है?
क्या ग्रीन बेल्ट का भू-उपयोग बदल सकता है?
स्रोत
- Lucknow Master Plan 2031 (Convergence) Report — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- ज़ोनिंग रेगुलेशन (भू-उपयोग ज़ोन और इम्पैक्ट फ़ीस) — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- UP Model Building Construction and Development Bye-laws 2025, खंड 2.1.2 — LDA वेबसाइट
- UP Model Building Bye-Laws 2025 — Chapter Overview (Compensatory FAR), LDA वेबसाइट
- उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र और अन्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2024, धारा 12 — PRS Legislative Research
- NCR Regional Plan 2021, अध्याय 17 (Regional Landuse) — NCR प्लानिंग बोर्ड
- Master Plan Map — लखनऊ विकास प्राधिकरण