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कॉलम

गंगा एक्सप्रेसवे के छह महीने: हरदोई, उन्नाव और रायबरेली के लिए कौन से मौके पक्के हैं

जानकारी जांची गई: | प्रकाशित: | एससीआर टाइम्स

गंगा एक्सप्रेसवे का स्वागत द्वार
गंगा एक्सप्रेसवे का स्वागत द्वार फ़ोटो: Angrag1985 · विकिमीडिया कॉमन्स · CC0

गंगा एक्सप्रेसवे को खुले छह महीने हो गए हैं। मेरी नज़र में इस समय की सबसे काम की बात यह है: सड़क का फ़ायदा आज मिल रहा है, पर उद्योगों का फ़ायदा अभी बनने के दौर में है। SCR के हरदोई, उन्नाव और रायबरेली में तीनों की स्थिति अलग है। हरदोई में प्लॉट की स्कीम खुल चुकी है। उन्नाव में निर्माण चल रहा है। रायबरेली में बात अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। इस कॉलम में पक्की बातों को प्रस्तावों से अलग रखकर समझते हैं।

सड़क: छह महीने में क्या साफ़ हुआ

प्रधानमंत्री ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई जिले में करीब 594 किमी के इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।12 यह मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों से गुज़रता है, जिनमें SCR के तीन जिले शामिल हैं।1 UPEIDA ने इसे PPP मॉडल पर बनवाया है।2 छह लेन की यह सड़क आठ लेन तक बढ़ाई जा सकती है।2

SCR के लोगों के लिए असली सवाल यह है कि वे इस पर चढ़ें कहां। UPEIDA के प्रस्ताव पर आई रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों जिलों में कुल सात इंटरचेंज हैं:4

जिला इंटरचेंज
हरदोई फ़र्रुख़ाबाद–शाहाबाद रोड (SH-138); कन्नौज–हरदोई रोड (SH-21), बिलग्राम तहसील; मेहंदीघाट–संडीला रोड (SH-137), मल्लावां
उन्नाव आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ाव, नवाबगंज ग्रांट, सफ़ीपुर तहसील; कानपुर–लखनऊ रोड (NH-27), सोनिक
रायबरेली लालगंज–रायबरेली रोड (NH-31), अहिर गांव, डलमऊ तहसील; रायबरेली–ऊंचाहार रोड (NH-30), ऊंचाहार तहसील

इन जगहों को SCR नक्शे पर देखा जा सकता है।

टोल का हिसाब

पंद्रह दिन की छूट के बाद टोल 15 मई से शुरू हुआ, ऐसा PTI की रिपोर्ट कहती है।5 एक दूसरी रिपोर्ट मेरठ–बदायूं वाले हिस्से पर टोल 17 मई से शुरू होना बताती है।7 यानी शुरुआत की तारीख़ में दो बातें हैं। आज की स्थिति पर कोई शक नहीं: टोल लग रहा है।

उद्घाटन से पहले कार का पूरा टोल करीब 1,500 रुपये आंका गया था।6 टोल शुरू होने के दिन की रिपोर्ट में यह करीब 1,800 रुपये बताया गया।5 PTI के मुताबिक कार के लिए चार हिस्सों का टोल यह है:5

हिस्सा लंबाई कार का टोल (करीब)
मेरठ–बदायूं 129.7 किमी 435 रुपये
बदायूं–हरदोई 151.7 किमी 480 रुपये
हरदोई–उन्नाव 155.7 किमी 485 रुपये
उन्नाव–प्रयागराज 156.847 किमी 400 रुपये

समय की बचत, और छह महीने का एक ख़ाली कॉलम

उद्घाटन के दिन आकाशवाणी ने बताया था कि मेरठ–प्रयागराज का सफ़र करीब 12 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे होगा।1 23 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में पहले का समय 10 से 12 घंटे लिखा है, और अब का लगभग 6 घंटे।8

उसी रिपोर्ट में मेरठ और सहारनपुर के ट्रांसपोर्टर और टूर ऑपरेटर भी बोले हैं। उनके मुताबिक सहारनपुर से प्रयागराज तक माल ढुलाई 20–22 घंटे से घटकर 11–12 घंटे की हुई है।8 टूर ऑपरेटरों ने बुकिंग बढ़ने की बात कही है।8 ध्यान रहे कि ये कारोबारियों के अपने बयान हैं, और ये लोग SCR के बाहर के हैं।

एक बात साफ़ कहना ज़रूरी है। छह महीने में रोज़ कितनी गाड़ियां चलीं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा मुझे आज जांच के दौरान नहीं मिला। इसलिए यह कॉलम ट्रैफ़िक या कारोबार में बढ़त का कोई प्रतिशत नहीं बता रहा।

उद्योग: 12 नोड की योजना, और SCR की स्थिति

एक्सप्रेसवे के किनारे UPEIDA "इंटीग्रेटेड मैन्युफ़ैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर" (IMLC) की योजना पर काम कर रहा है।10 अप्रैल की एक रिपोर्ट में 12 जिलों के 12 नोड और 6,507 एकड़ ज़मीन का ज़िक्र है।9 उसी रिपोर्ट में 987 रुचि-पत्रों और करीब 46,660 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की बात है।9 रुचि-पत्र पक्का निवेश नहीं होता, इसलिए इस आंकड़े को इरादा मानकर पढ़ें।

PIB की विज्ञप्ति में हरदोई जैसे जिलों में औद्योगिक गलियारे विकसित होने की बात है। इसमें दवा, कपड़ा, हथकरघा, चमड़े के सामान और हस्तशिल्प के क्लस्टर आकर्षित करने का लक्ष्य बताया गया है।3 अब तीनों जिलों को एक-एक करके देखते हैं।

जिला नोड कहां (एक्सप्रेसवे का किमी)9 योजना का रकबा आज की स्थिति
हरदोई 282 किमी 335 एकड़10 प्लॉट स्कीम खुली14
उन्नाव 422 किमी 333 एकड़10 निर्माण जारी12
रायबरेली 517 किमी 232 एकड़9 प्रस्तावित, सर्वे हुआ15

हरदोई: UPEIDA की प्लॉट स्कीम 16 अक्टूबर 2026 को खुली, और हरदोई उसकी आठ जगहों में से एक है।14 आवेदन निवेश मित्र पोर्टल से ऑनलाइन होता है।14 रिपोर्ट के मुताबिक हरदोई में प्रीमियम 3,800 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।14 इसके ऊपर 59,000 रुपये प्रोसेसिंग फ़ीस, 2.5% सालाना लीज़ रेंट और GST अलग है।14 सितंबर की एक रिपोर्ट कहती है कि मुंडेर के पास करीब 132 हेक्टेयर पहले ली जा चुकी है।13 उसी रिपोर्ट में सवायजपुर तहसील के देवनियापुर, देवनियापुर सरसई और तेरा गांव में करीब 200 हेक्टेयर और लेने की तैयारी है।13

उन्नाव: सदर तहसील के सराय कटियान गांव में 132 हेक्टेयर का गलियारा बन रहा है।12 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक वहां सड़क की एक दरार की मरम्मत चल रही है। बिजली के लिए फ़ीडर भी बन रहा है।12 सितंबर 2025 की रिपोर्ट में दूसरे चरण के लिए 116 में से करीब 104 हेक्टेयर ज़मीन चिह्नित बताई गई थी।11 उसी रिपोर्ट में दोनों चरणों से करीब 1,000 इकाइयों और 30,000–40,000 नौकरियों की उम्मीद लिखी है।11 यह उम्मीद है, अभी की गिनती नहीं। अक्टूबर की प्लॉट स्कीम की आठ जगहों में उन्नाव का नाम नहीं है।14

रायबरेली: यहां दो आंकड़े हैं, और दोनों आपके सामने रखना ठीक है। अप्रैल की रिपोर्ट में नोड 232 एकड़ का है।9 अगस्त की रिपोर्ट में निहस्था, जगतपुर रामगढ़ी और सुरजीपुर गुमानखेड़ा में करीब 200 हेक्टेयर का प्रस्तावित गलियारा है।15 UPEIDA ने वहां सर्वे कराया है, पर आख़िरी रकबा उसे ही तय करना है।15 UPEIDA की प्लॉट वाली सूची में अभी रायबरेली का नोड नहीं दिखता।10 इसलिए यहां प्लॉट या नौकरी की बात करना अभी जल्दबाज़ी होगी।

बाकी नोड से भी समय का अंदाज़ा मिलता है। शाहजहांपुर के नोड का बुनियादी ढांचा 2027 के अंत तक तैयार होने की उम्मीद बताई गई है।16 यानी कारख़ाने लगने और नौकरियां आने में अभी वक़्त लगेगा।

आपके लिए इसका मतलब

  • लखनऊ से आने-जाने वालों के लिए: नवाबगंज ग्रांट और सोनिक, ये दो इंटरचेंज आपके काम के हैं।4 सफ़र से पहले टोल भी जोड़ लें। बची दूरी और समय को टोल से तौलकर ही रास्ता चुनें। ज़्यादा जानकारी एक्सप्रेसवे के पेज पर है।
  • छोटे उद्योग और व्यापार के लिए: हरदोई में इकाई लगाने का विचार हो, तो शर्तें UPEIDA और निवेश मित्र के आधिकारिक काग़ज़ों से ही पढ़ें।1014 प्रीमियम के अलावा फ़ीस, लीज़ रेंट और GST भी अपने हिसाब में जोड़ें।
  • ट्रांसपोर्ट और कोल्ड चेन वालों के लिए: PIB की विज्ञप्ति के मुताबिक कमज़ोर लॉजिस्टिक्स और कोल्ड स्टोरेज के कारण किसानों को बड़े बाज़ार तक पहुंचने में दिक़्क़त रही।3 मेरी नज़र में यही ज़रूरत इन तीन जिलों के कारोबारियों के लिए समझने लायक़ है।
  • नौकरी ढूंढने वालों के लिए: अभी किसी नोड से नौकरियों की पक्की गिनती सामने नहीं है। उन्नाव और हरदोई की प्रगति पर नज़र रखें, और भर्ती की बात कंपनी या सरकारी पोर्टल से ही जांचें।
  • ज़मीन या मकान देखने वालों के लिए: "एक्सप्रेसवे के पास" या "औद्योगिक गलियारे के पास" कहने भर से कोई बात पक्की नहीं होती। जो जगह बताई जाए, उसे UPEIDA और जिला प्रशासन से मिलाएं। कौन सा दस्तावेज़ क्या बताता है, यह तीन दस्तावेज़ों वाले कॉलम में समझाया गया है।

मेरी नज़र में छह महीने में गंगा एक्सप्रेसवे ने दूरी का सवाल काफ़ी हद तक हल कर दिया है। नौकरी और कारोबार का सवाल अगले कुछ साल में ज़मीन पर जवाब देगा। तब तक हर दावे के साथ एक ही सवाल पूछें: स्रोत क्या है, और काम किस चरण में है? SCR की बाकी परियोजनाएं इंफ्रा ट्रैकर पर देखी जा सकती हैं।

स्रोत

  1. PM Narendra Modi inaugurates Ganga Expressway in Hardoi district — आकाशवाणी, 29 अप्रैल 2026
  2. Ganga Expressway — UPEIDA (आधिकारिक)
  3. Prime Minister Inaugurates 594-km long Access-Controlled Greenfield Ganga Expressway in Hardoi — PIB, 29 अप्रैल 2026
  4. गंगा एक्सप्रेसवे: इंटरचेंज और टोल प्लाज़ा — आजतक, 28 अप्रैल 2026
  5. Toll collection on Ganga Expressway begins after 15-day exemption period — द वीक (PTI), 15 मई 2026
  6. गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल की दरें — आजतक, 29 अप्रैल 2026
  7. IRB Starts Toll Collection on Ganga Expressway Group 1 Corridor — NBM&CW, 18 मई 2026
  8. Ganga Expressway boosts business for transporters and tour and travel operators — प्रोकेरला, 23 अक्टूबर 2026
  9. गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होंगे 12 औद्योगिक गलियारे — बिज़नेस स्टैंडर्ड हिंदी, 26 अप्रैल 2026
  10. Allotment of Plot: UP Integrated Manufacturing and Logistics Clusters — UPEIDA (आधिकारिक)
  11. औद्योगिक गलियारा फेज-दो के लिए 90 फीसदी भूमि चिह्नित — अमर उजाला, 2 सितंबर 2025
  12. औद्योगिक गलियारा की सड़क में आई दरार — अमर उजाला, 29 अक्टूबर 2026
  13. यूपी के एक और जिले में बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर — टीएनपी न्यूज़, 1 सितंबर 2026
  14. UPEIDA Industrial Plot Scheme Offers Land Across Eight Manufacturing and Logistics Clusters — मैरिटाइम गेटवे, 23 अक्टूबर 2026
  15. 200 हेक्टेयर में विकसित होगा औद्योगिक गलियारा — अमर उजाला, 21 अगस्त 2026
  16. गंगा एक्सप्रेसवे: 2027 के अंत तक औद्योगिक गलियारा तैयार होने की उम्मीद — अमर उजाला, 18 जुलाई 2026