तहसील

मिश्रिख तहसील, सीतापुर — नैमिषारण्य, दधीचि कुंड, आबादी और रास्ता

नैमिषारण्य तीर्थ और दधीचि कुंड मिश्रिख तहसील में हैं। जनगणना 2011 में यह क्षेत्रफल और आबादी, दोनों में सीतापुर जिले की सबसे बड़ी तहसील थी।

जानकारी जांची गई:

सीतापुर जिले की मिश्रिख तहसील में गोमती के किनारे नैमिषारण्य तीर्थ बसा है।1 गोमती ही जिले की पश्चिमी सीमा बनाती है।11 जनगणना 2011 में इसका क्षेत्रफल 1,392.65 वर्ग किमी और आबादी 9,26,201 थी। उस समय यह जिले की सबसे बड़ी तहसील थी।2

ध्यान दें: 2011 में महोली कस्बा भी मिश्रिख तहसील में था।3 अब महोली जिले की सातवीं तहसील है।1 इसलिए नीचे के आंकड़े आज की मिश्रिख तहसील से बड़े इलाके के हैं।

एक नज़र में (जनगणना 2011)

क्या आंकड़ा
क्षेत्रफल 1,392.65 वर्ग किमी
आबादी 9,26,201 (पुरुष 4,94,322; महिला 4,31,879)
परिवार 1,71,122
लिंगानुपात 874 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष
बच्चों (0–6 साल) का लिंगानुपात 915
साक्षरता 66.25% (पुरुष 76.3%, महिला 54.66%)
अनुसूचित जाति 38.25%
शहरी आबादी 39,719 (4.29%)

स्रोत: जनगणना 2011 के प्राथमिक सार (PCA) पर आधारित आंकड़े।2

दो बातें अलग दिखती हैं। लिंगानुपात 874 जिले की छह तहसीलों में सबसे कम था। और 95% से ज़्यादा लोग गांवों में रहते थे।2

2011 में तहसील के दो कस्बे थे: मिश्रिख-सह-नीमसार नगर पालिका परिषद (आबादी 18,388) और महोली नगर पंचायत (आबादी 21,331)।34

नैमिषारण्य (नीमसार)

नैमिषारण्य गोमती के बाएं किनारे पर है। मान्यता है कि महर्षि वेदव्यास ने यहीं पुराणों की रचना की।1 मुख्य स्थल ये हैं:

  • चक्रतीर्थ और ललिता देवी मंदिर5
  • राजघाट, जिसे दशाश्वमेध घाट भी कहते हैं6
  • देव-देवेश्वर धाम, जिसका ज़िक्र वायु पुराण में बताया जाता है6
  • देवपुरी मंदिर, चक्रतीर्थ से 1.5 किमी पश्चिम6
  • रुद्रावर्त महादेव, चक्रतीर्थ से करीब 7 किमी6
  • ललिता देवी शक्तिपीठ के पास पंचमुखी हनुमान मंदिर, और काली पीठ, बालाजी व चार धाम मंदिर6

तीर्थ विकास परिषद और नए प्रोजेक्ट

राज्य ने 2022 में ‘उत्तर प्रदेश श्री नैमिषारण्य धाम तीर्थ विकास परिषद अधिनियम’ बनाया।7 इसके तहत बनी परिषद ने जुलाई 2025 में 2025-26 के लिए 28 पर्यटन प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी। इनकी अनुमानित लागत करीब 90 करोड़ रुपये है।5 इनमें ये काम शामिल हैं:

  • लखनऊ–सीतापुर हाईवे पर राजघाट के पास वैदिक थीम वाले स्वागत द्वार
  • ललिता देवी मंदिर, चक्रतीर्थ, राजघाट और कल्लीवाड़ी चौराहा को जोड़ने वाले कॉरिडोर रास्ते
  • नैमिषारण्य में टूरिस्ट फ़ैसिलिटेशन सेंटर
  • राम-जानकी मंदिर और देव-देवेश्वर घाट पर सुधार5

मिश्रिख और दधीचि कुंड

दधीचि कुंड मिश्रिख में है, नैमिषारण्य से करीब 12 किमी दूर।6 यह महर्षि दधीचि की कथा से जुड़ा है, जिन्होंने देवताओं को वज्र बनाने के लिए अपनी अस्थियां दी थीं। कुंड करीब 2 एकड़ में फैला है और साथ में मंदिर है। 10 मार्च 2025 को राज्य सरकार ने इसे राज्य पर्यटन केंद्र बनाने की घोषणा की।8

इतिहास और पहचान

  • तहसील के बड़ेसर में गुप्त काल की छोटी मूर्तियां मिली हैं।1
  • मिश्रिख नाम से लोकसभा सीट भी है, और जिले की 9 विधानसभा सीटों में मिश्रिख सीट भी है।1
  • MSME विकास संस्थान की जिला प्रोफ़ाइल में जिला उद्योग केंद्र का एक छोटा औद्योगिक आस्थान मिश्रिख में दर्ज है।9

कैसे पहुंचें

  • सड़क: लखनऊ से नैमिषारण्य करीब 110 किमी। सीतापुर रोड पर सिधौली होकर, या हरदोई रोड पर संडीला और बेनीगंज होकर। लखनऊ, सीतापुर और हरदोई से नियमित बसें चलती हैं।10
  • रेल: बालामऊ जंक्शन (हरदोई) से सीतापुर की लाइन पर नैमिषारण्य स्टेशन है।10
  • हवाई: सबसे पास लखनऊ का हवाई अड्डा।10

आपके लिए इसका मतलब

  • श्रद्धालुओं के लिए: परिषद के प्रोजेक्ट पूरे होने पर घाट, रास्ते और सुविधा केंद्र बेहतर होंगे। काम की ताज़ा स्थिति हम इंफ्रा ट्रैकर और अपडेट में देंगे।
  • स्थानीय कारोबार के लिए: होटल, दुकान या ढाबा शुरू करने से पहले ज़मीन के काग़ज़ — खतौनी और दाख़िल-ख़ारिज — ज़रूर जांचें।
  • ज़मीन नाप: गांवों में बीघा-बिस्वा चलता है। इसे एकड़ या वर्ग फ़ुट में बदलने के लिए ज़मीन नाप कन्वर्टर देखें।

जिले की बाकी तहसीलें: सीतापुर, लहरपुर, बिसवां, महमूदाबाद, सिधौली।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नैमिषारण्य किस तहसील में है?
नैमिषारण्य (नीमसार) सीतापुर जिले की मिश्रिख तहसील में है। जनगणना 2011 में मिश्रिख और नीमसार मिलकर एक नगर पालिका परिषद थे — मिश्रिख-सह-नीमसार।
लखनऊ से नैमिषारण्य कितनी दूर है और कैसे जाएं?
जिले की वेबसाइट के मुताबिक़ करीब 110 किमी। सड़क से सीतापुर रोड पर सिधौली होकर, या हरदोई रोड पर संडीला और बेनीगंज होकर। रेल से बालामऊ–सीतापुर लाइन पर नैमिषारण्य स्टेशन है।
दधीचि कुंड कहां है?
दधीचि कुंड मिश्रिख में है, नैमिषारण्य से करीब 12 किमी दूर। मार्च 2025 में राज्य सरकार ने इसे राज्य पर्यटन केंद्र बनाने की घोषणा की थी।
मिश्रिख तहसील की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 में मिश्रिख तहसील की आबादी 9,26,201 थी। ध्यान रहे, तब महोली भी इसी तहसील में था। महोली अब अलग तहसील है, इसलिए आज की मिश्रिख तहसील के अलग आंकड़े नई जनगणना से ही आएंगे।