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UP में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री फ़ीस — दरें, महिला छूट और हिसाब

उत्तर प्रदेश में बैनामे (बिक्री विलेख) पर मूल स्टांप ड्यूटी 5% है, और विकास क्षेत्र (जैसे LDA क्षेत्र) में 2% अतिरिक्त लगती है, इसलिए आम तौर पर कुल 7% बताई जाती है। रजिस्ट्रेशन फ़ीस 1% है। महिला खरीदार को 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर 1% छूट मिलती है।

जानकारी जांची गई:

उत्तर प्रदेश में बैनामे (बिक्री विलेख) पर मूल स्टांप ड्यूटी ₹50 प्रति ₹1,000, यानी 5% है।1 विकास क्षेत्र में संपत्ति हो तो उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम के तहत 2% और जुड़ता है।2 बैंक और वित्तीय संस्थान पुरुष खरीदार के लिए कुल 7% दर बताते हैं।34 रजिस्ट्रेशन फ़ीस 1% है।5 दोनों उस रक़म पर लगती हैं जो सौदे की क़ीमत और सर्किल रेट से निकले मूल्य में से ज़्यादा हो।1

दरें एक नज़र में

ख़र्च दर आधार
मूल स्टांप ड्यूटी (बिक्री, दान, कब्ज़े सहित बिक्री का करार) 5% (₹50 प्रति ₹1,000) IGRS1
विकास क्षेत्र में अतिरिक्त ड्यूटी 2% CAG रिपोर्ट, UP2
आम तौर पर बताई जाने वाली कुल दर (पुरुष) 7% बैंक/वित्तीय संस्थान34
महिला खरीदार 1 करोड़ तक की संपत्ति पर 1% छूट शासन की अधिसूचना, 29 जुलाई 202567
रजिस्ट्रेशन फ़ीस 1% (सौदे की रक़म या मूल्य, जो ज़्यादा हो) अधिसूचना, 13 फ़रवरी 20205
बिना कब्ज़े वाला बिक्री का करार आधी रक़म पर ₹40 प्रति ₹1,000 IGRS1

स्टांप ड्यूटी दस्तावेज़ पर दस्तख़त (निष्पादन) के समय या उससे पहले देनी होती है, और मूल्यांकन उस दिन लागू दर से होता है।1

विकास क्षेत्र से बाहर: गांव या किसी ऐसे इलाके में, जो किसी विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में नहीं है, कुल दर क्या बनेगी, इसकी पुष्टि हम सरकारी स्रोत से नहीं कर पाए। ऐसी संपत्ति के लिए IGRS का आधिकारिक कैलकुलेटर ज़रूर इस्तेमाल करें, जो जगह के हिसाब से हिसाब लगाता है।

महिलाओं की छूट: क्या बदला

  • पहले महिला खरीदार को 1% छूट सिर्फ़ 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर मिलती थी, और अधिकतम छूट ₹10,000 थी।7
  • प्रदेश कैबिनेट ने जुलाई 2025 में यह सीमा 1 करोड़ करने को मंज़ूरी दी।7
  • 29 जुलाई 2025 की अधिसूचना (संख्या 13/2025/914/94-2-2025-700(76)/2024) ने 23 फ़रवरी 2006 की मूल अधिसूचना में "दस लाख" की जगह "एक करोड़" कर दिया। यह गजट में छपने की तारीख़ से लागू है।6
  • IGRS की छूट सूची में यह "संपत्ति के एक करोड़ के मूल्य तक 1% स्टाम्प छूट" के रूप में दर्ज है।8

एक बात साफ़ नहीं: 1 करोड़ से ज़्यादा मूल्य की संपत्ति पर पहले 1 करोड़ तक की छूट मिलेगी या बिल्कुल नहीं, यह संशोधन वाली अधिसूचना में नहीं लिखा, क्योंकि यह सिर्फ़ रक़म बदलती है।6 ऐसे सौदे में अपने उप-निबंधक कार्यालय से लिखित पुष्टि लें। संयुक्त खरीदारों (जैसे पति-पत्नी) पर छूट का हिसाब भी वहीं से पक्का करें।

हल किए हुए उदाहरण

नीचे के उदाहरण LDA जैसे विकास क्षेत्र की संपत्ति के लिए हैं, जहां कुल ड्यूटी 7% मानी गई है:

स्थिति ड्यूटी किस पर स्टांप ड्यूटी रजिस्ट्रेशन फ़ीस (1%) कुल
पुरुष, फ़्लैट ₹50 लाख, सर्किल मूल्य कम ₹50,00,000 ₹3,50,000 ₹50,000 ₹4,00,000
महिला, वही फ़्लैट ₹50,00,000 ₹3,50,000 − ₹50,000 छूट = ₹3,00,000 ₹50,000 ₹3,50,000
पुरुष, सौदा ₹40 लाख, सर्किल मूल्य ₹45 लाख ₹45,00,000 ₹3,15,000 ₹45,000 ₹3,60,000
महिला, प्लॉट ₹80 लाख ₹80,00,000 ₹5,60,000 − ₹80,000 = ₹4,80,000 ₹80,000 ₹5,60,000

अपनी रक़म डालकर अनुमान देखने के लिए स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर इस्तेमाल करें। यह भी इन्हीं नियमों पर चलता है। अंतिम रक़म IGRS कैलकुलेटर या उप-निबंधक से मिलाएं।

दूसरी छूटें (IGRS की सूची से)

IGRS की "प्रमुख स्टाम्प छूट" सूची में ये छूटें भी दर्ज हैं:8

  • बंटवारा (विभाजन) विलेख: स्टांप और पंजीकरण शुल्क अधिकतम ₹5,000।
  • परिवार के सदस्यों के बीच दान: स्टांप में छूट (शर्तें शासनादेश में)।
  • पूर्व सैनिक और उनके आश्रित: 20 लाख रुपये तक पूरी छूट।
  • दिव्यांगजन: तय सीमा तक छूट।
  • उद्योग, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और टाउनशिप नीतियां: नीति के हिसाब से 50% से 100% तक छूट।

हर छूट की शर्तें और ज़रूरी प्रमाणपत्र अलग हैं। दावा करने से पहले IGRS पर संबंधित शासनादेश पढ़ें। उद्योग से जुड़ी छूट के लिए निवेश मित्र देखें।

पैसे कैसे जमा होते हैं

  • ई-स्टांप: IGRS पर जिलेवार अधिकृत संग्रह केंद्रों (ACC) की सूची है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर ई-स्टांप ख़ुद प्रिंट करने और उसकी जांच की सुविधा है।9
  • रसीद: ई-स्टांप प्रमाणपत्र और फ़ीस की रसीद संभालकर रखें। रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज में इनकी ज़रूरत पड़ सकती है।
  • रजिस्ट्री का पूरा तरीका IGRS पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पेज पर है।

आपके लिए इसका मतलब

  • बजट बनाते समय संपत्ति की क़ीमत के ऊपर करीब 8% (7% ड्यूटी + 1% फ़ीस) अलग रखें। महिला खरीदार के लिए 1 करोड़ तक यह करीब 7% बनता है।
  • सर्किल मूल्य ज़्यादा हो तो ड्यूटी उसी पर लगेगी, सौदा चाहे कम में हो।
  • 1 करोड़ से ऊपर की संपत्ति महिला के नाम ले रहे हैं, तो छूट की पुष्टि पहले कर लें।
  • बिल्डर से फ़्लैट ले रहे हैं, तो प्रोजेक्ट का RERA पंजीकरण भी जांचें। ड्यूटी देने से संपत्ति के कागज़ सही होने की गारंटी नहीं मिलती।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लखनऊ में 50 लाख के फ़्लैट की रजिस्ट्री में कितना ख़र्च आएगा?
7% स्टांप ड्यूटी और 1% रजिस्ट्रेशन फ़ीस मानें तो पुरुष खरीदार के लिए करीब ₹4,00,000 और महिला खरीदार के लिए करीब ₹3,50,000। यह तब, जब सर्किल रेट वाला मूल्य 50 लाख से ज़्यादा न हो। अंतिम रक़म IGRS के कैलकुलेटर से मिलाएं।
महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में कितनी छूट मिलती है?
1 करोड़ रुपये तक के मूल्य की संपत्ति पर 1% छूट। 29 जुलाई 2025 की अधिसूचना ने पुरानी 10 लाख की सीमा को 1 करोड़ कर दिया। रजिस्ट्रेशन फ़ीस में कोई छूट नहीं है।
रजिस्ट्रेशन फ़ीस की कोई अधिकतम सीमा है?
13 फ़रवरी 2020 की अधिसूचना से रजिस्ट्रेशन फ़ीस सौदे की रक़म या बाज़ार मूल्य, जो ज़्यादा हो, उसका 1% है। विभाग की जानकारी में इसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं बताई गई है।
स्टांप ड्यूटी कैसे जमा होती है?
ज़्यादातर ई-स्टांप से। IGRS पर जिलेवार अधिकृत संग्रह केंद्रों की सूची है, और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर ई-स्टांप ख़ुद प्रिंट करने और जांचने की सुविधा है।
परिवार में बंटवारे या दान पर भी 7% ड्यूटी लगती है?
नहीं। IGRS की छूट सूची के मुताबिक़ बंटवारा विलेख पर स्टांप और पंजीकरण शुल्क अधिकतम ₹5,000 तय है, और परिवार के सदस्यों के बीच दान पर भी छूट है। शर्तें संबंधित शासनादेश में हैं।