कॉलम
अवध एक्सप्रेसवे के करीब चार महीने: लखनऊ–कानपुर के बीच उन्नाव में क्या बदला, क्या बाकी है
जानकारी जांची गई: | प्रकाशित: | एससीआर टाइम्स
लखनऊ और कानपुर के बीच उन्नाव अब सिर्फ़ रास्ते का एक पड़ाव नहीं रहा। मेरी नज़र में तस्वीर यह है: सड़क बन चुकी है, उद्योग बनने के दौर में हैं, और रैपिड रेल अभी काग़ज़ पर है। इन तीनों को एक ही बात मानकर चलेंगे, तो हिसाब गड़बड़ा जाएगा। इसलिए आज इन्हें अलग-अलग देखते हैं।
सड़क: आंकड़े क्या कहते हैं
लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे, जिसे अवध एक्सप्रेसवे भी कहते हैं, 63 किमी लंबा और छह लेन का है।1 इसका उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को उन्नाव जिले में हुआ।1 सड़क के दो पैकेज हैं। पहला 17.52 किमी का है, जिसमें करीब 10 किमी हिस्सा एलिवेटेड है। दूसरा 45.24 किमी का है।4 अमर उजाला की अप्रैल की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, 45.3 किमी सड़क इसी जिले में है।10 यानी इस एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा उन्नाव का है।
| बात | जानकारी |
|---|---|
| सफ़र का समय (सरकारी दावा) | 35 से 45 मिनट1 |
| पुराना NH-27 रास्ता | करीब 94 किमी, ढाई से तीन घंटे3 |
| डिज़ाइन की रफ़्तार | 120 किमी प्रति घंटा1 |
| दोपहिया वाहन | अनुमति नहीं1 |
| जुड़ाव | पुराना लखनऊ–कानपुर हाईवे और उन्नाव–लालगंज हाईवे3 |
लागत के आंकड़े एक जैसे नहीं हैं। जून 2025 की PIB की सूची में यह 4,219 करोड़ रुपये है।9 अमर उजाला ने 4,200 करोड़ रुपये लिखा है।6 ThePrint और कंस्ट्रक्शन वर्ल्ड के मुताबिक़ यह करीब 4,700 करोड़ रुपये है।24 मैं दोनों आंकड़े आपके सामने रख रहा हूं, क्योंकि अंतर की वजह मुझे किसी स्रोत में नहीं मिली।
टोल और मरम्मत: आज की स्थिति
खुलने के कुछ ही दिनों बाद सड़क पर मरम्मत की ज़रूरत पड़ी, और यह बात छिपाने की नहीं है। 26 जुलाई को उन्नाव में किमी 64 के पास सड़क का एक हिस्सा खिसका।45 NHAI ने इसके बाद ठीक होने तक टोल रोक दिया, और टोल का नुकसान निर्माण एजेंसी से वसूलने की बात कही।5 मरम्मत का ख़र्च भी एजेंसी के ज़िम्मे है, जो 6 अगस्त तक करीब 3 करोड़ रुपये था।5 IIT खड़गपुर के एक प्रोफ़ेसर की अगुवाई में समिति को सड़क की मज़बूती जांचने का काम दिया गया।4 इस समिति के नतीजे मुझे आज तक प्रकाशित रूप में नहीं मिले।
13 सितंबर की रात बंथरा के पास किमी 14.4 पर एलिवेटेड सड़क के एक हिस्से में भी ख़राबी आई। कानपुर से लखनऊ वाली लेन 14 सितंबर से बंद रही। 29 सितंबर की शाम डामर डालने के बाद वह खोल दी गई।7 अमर उजाला ने उसी दिन लिखा कि मरम्मत पूरी हो चुकी है और टोल अभी मुफ़्त है।7
टोल का पुराना हिसाब यह था। उद्घाटन पर कार के लिए 275 रुपये तय हुए।1 जुलाई में संशोधन के बाद एक तरफ़ का टोल 285 रुपये और उसी दिन वापसी के साथ 425 रुपये हुआ।4 2 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ NHAI का इरादा ओवरले का काम पूरा होने पर तय दरों से टोल दोबारा शुरू करने का था।8 आज की जांच में टोल दोबारा शुरू होने की कोई आधिकारिक सूचना मुझे नहीं मिली। इसलिए सफ़र से पहले ताज़ा स्थिति जांच लें।
टोल ने ट्रैफ़िक के बारे में क्या बताया
यहां एक दिलचस्प आंकड़ा है। अमर उजाला के मुताबिक़ NHAI के आंकड़ों में 14 से 30 जुलाई के बीच 1,33,040 गाड़ियां इस सड़क से गुज़रीं। अधिकारियों ने इसे रोज़ करीब 8,869 का औसत बताया।6 टोल हटने के बाद वही रिपोर्ट रोज़ 20 से 22 हज़ार गाड़ियों की बात कहती है।6
मेरी नज़र में इसे पक्का नतीजा मानना जल्दबाज़ी होगी। यह टोल हटने के ठीक बाद की तस्वीर है, और तब मरम्मत भी चल रही थी। फिर भी इससे एक बात का इशारा मिलता है: इस रास्ते पर बहुत से लोग समय के साथ टोल भी तौलते हैं। टोल दोबारा शुरू होने पर ट्रैफ़िक के आंकड़े देखना असली कसौटी होगी।
उद्योग: उन्नाव में ज़मीन पर क्या है
उन्नाव का सबसे ठोस औद्योगिक काम बिछिया ब्लॉक के सराय कटियान में है। वहां 132 हेक्टेयर का औद्योगिक गलियारा बन रहा है।13 यह लखनऊ–कानपुर हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच है।13 इसे हाईवे और एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए फ़रवरी 2025 में चार लेन का लिंक मार्ग बनना शुरू हुआ था।14 UPEIDA की सूची में गंगा एक्सप्रेसवे के उन्नाव नोड के लिए 333 एकड़ दर्ज है।21 गंगा एक्सप्रेसवे के मौकों पर मैंने पिछला कॉलम लिखा था।
दूसरा चरण 111 हेक्टेयर का बताया गया है, जिसकी ज़मीन का अधिग्रहण अंतिम दौर में है।13 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक़ यूनाइटेड ब्रुअरीज़ को यहां प्लांट लगाने की राज्य से मंज़ूरी मिली है। ज़मीन की रजिस्ट्री अभी अगला कदम है।13
निवेश के आंकड़ों में सावधानी रखें। पोलैंड की कंपनी कैनपैक के लिए एक रिपोर्ट में 2,500 करोड़ रुपये और 25,000 नौकरियां लिखी हैं।13 दूसरी रिपोर्ट में 65 एकड़, 1,300 करोड़ रुपये और 5,000 से ज़्यादा नौकरियां हैं।10 ये आंकड़े योजना और प्रस्ताव के हैं, लगी हुई नौकरियों की गिनती के नहीं। बुनियादी ढांचे का काम भी अभी जारी है। 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक़ गलियारे की एक सड़क की मरम्मत चल रही है और बिजली का फ़ीडर बन रहा है।15
उन्नाव का एक और औद्योगिक नाम ट्रांस गंगा सिटी है। इन्वेस्ट यूपी के मुताबिक़ यह 1,141 एकड़ की टाउनशिप है, जो कानपुर रेलवे स्टेशन से करीब 10 किमी दूर है।16 उस पेज पर, जो मई 2025 में अपडेट हुआ, औद्योगिक प्लॉटों में 15 आवंटित और 1,057 ख़ाली दिखते हैं।16 ताज़ा संख्या UPSIDA से ही पूछें। सड़क के साथ 31 किमी के पास "हाईवे विलेज" की योजना भी 2024 में आई थी।20 उसकी आज की स्थिति मुझे नहीं मिली।
SCR और रैपिड रेल: अभी योजना के स्तर पर
8 सितंबर को मंज़ूर हुए SCR बेस मैप के साथ करीब 30 प्रोजेक्ट पहचाने गए। इनमें लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के साथ विकास भी शामिल है।11 मई की एक रिपोर्ट में इसे "कॉरिडोर आधारित विकास" कहा गया है।12 अभी अगला कदम कार्यकारी समिति की मंज़ूरी और फिर रीजनल प्लान है।11 यानी कौन सी ज़मीन किस काम की होगी, यह इस घोषणा भर से तय नहीं होता।
रैपिड रेल की बात भी इसी तरह पढ़ें। जून 2026 में मुख्यमंत्री ने उन्नाव में लखनऊ–कानपुर रैपिड रेल का ज़िक्र किया, और रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रस्ताव बन रहा है।17 अगस्त की रिपोर्ट इसे 187 किमी के कानपुर–अयोध्या नमो भारत प्रस्ताव का हिस्सा बताती है। उसका पहला चरण कानपुर के नयागंज से अमौसी तक करीब 67 किमी का है, और उन्नाव व बंथरा उसके स्टॉप में हैं।18 इसी रिपोर्ट के मुताबिक़ DPR और सर्वे का काम शुरू हुआ है।18 जून 2025 की एक पुरानी रिपोर्ट में करीब 90 किमी का रूट लिखा था।19 मंज़ूरी, तारीख़ और स्टेशन, तीनों पर अंतिम आधिकारिक दस्तावेज़ मुझे नहीं मिला।
आपके लिए इसका मतलब
- रोज़ आने-जाने वालों के लिए: उन्नाव, लखनऊ और कानपुर के बीच कार या बस से जाने वालों को एक तेज़ विकल्प मिला है। टोल दोबारा शुरू हो, तो रोज़ के ख़र्च को समय की बचत से तौल लें। दोपहिया वालों के लिए NH-27 ही रास्ता है।1
- हवाई यात्रा करने वालों के लिए: सड़क लखनऊ में शहीद पथ के पास एयरपोर्ट वाले इलाके से शुरू होती है।4 उन्नाव से लखनऊ एयरपोर्ट जाने वालों के लिए यह सीधा फ़ायदा है।
- कारोबारियों के लिए: सराय कटियान में काम जारी है, पर बिजली और सड़क की स्थिति पहले ख़ुद जांच लें। प्लॉट की शर्तें UPEIDA, UPSIDA या निवेश मित्र के आधिकारिक काग़ज़ों से ही पढ़ें।
- नौकरी ढूंढने वालों के लिए: अख़बारों में छपे नौकरियों के बड़े आंकड़े प्रस्ताव हैं। भर्ती की बात कंपनी या सरकारी पोर्टल से जांचें।
- ज़मीन या मकान देखने वालों के लिए: "एक्सप्रेसवे के पास" या "रैपिड रेल स्टेशन के पास" कहने से कोई बात पक्की नहीं होती। रीजनल प्लान अभी बना नहीं है, इसलिए लागू मास्टर प्लान और प्राधिकरण के रिकॉर्ड ही देखें। जगह को SCR नक्शे पर मिला लें, और उन्नाव सदर जैसे तहसील पेज पर बुनियादी जानकारी पढ़ लें।
मेरी नज़र में उन्नाव के लिए अगला साल दो सवालों का जवाब देगा। पहला, सड़क की मरम्मत और जांच के बाद टोल के साथ कितना ट्रैफ़िक टिकता है। दूसरा, सराय कटियान में कितनी इकाइयां सच में चलने लगती हैं। तब तक हर दावे के साथ यही पूछना काफ़ी है: स्रोत क्या है, और तारीख़ कौन सी है?
स्रोत
- Lucknow-Kanpur Expressway to be inaugurated today — आकाशवाणी, 13 जुलाई 2026
- Rajnath Singh and Nitin Gadkari Inaugurate Lucknow Kanpur Expressway — कंस्ट्रक्शन वर्ल्ड, 23 जुलाई 2026
- Newly built six-lane Lucknow-Kanpur Expressway — इंडिया टीवी, 19 मई 2026
- A 40-minute ride, a road under repair — ThePrint, 12 अगस्त 2026
- NHAI takes action against construction agency over Kanpur-Lucknow Expressway — आकाशवाणी, 6 अगस्त 2026
- टोल फ्री होते ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर बढ़ा ट्रैफिक — अमर उजाला, 6 अगस्त 2026
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: मरम्मत का काम पूरा, बंद लेन खोली गई — अमर उजाला, 29 सितंबर 2026
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सितंबर के बाद फिर लगेगा टोल — तरुण मित्र, 2 सितंबर 2026
- Transforming India's Transport Infrastructure (2014-2025) — PIB, 11 जून 2025
- हाईवे और एक्सप्रेसवे से खुल रहे विकास और रोजगार के रास्ते — अमर उजाला, 19 अप्रैल 2026
- State Capital Region Base Map Approved — Swarajya, 9 सितंबर 2026
- Uttar Pradesh Accelerates Mega State Capital Region Plan — इंडियन मास्टरमाइंड्स, 21 मई 2026
- औद्योगिक गलियारे में स्थापित होगा बियर निर्माण संयंत्र — अमर उजाला, 15 अक्टूबर 2026
- औद्योगिक गलियारे को हाईवे व एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए लिंक मार्ग का निर्माण शुरू — अमर उजाला, 10 फ़रवरी 2025
- औद्योगिक गलियारा की सड़क में आई दरार — अमर उजाला, 29 अक्टूबर 2026
- Investible Projects: Trans Ganga City Unnao — इन्वेस्ट यूपी (आधिकारिक)
- लखनऊ-कानपुर के बीच चलेगी रैपिड रेल — आजतक, 18 जून 2026
- Namo Bharat Rapid Rail: कानपुर से अयोध्या का प्रस्ताव — आजतक, 5 अगस्त 2026
- LDA Approves Rapid Rail Project — फ़्री प्रेस जर्नल, 6 जून 2025
- Highway Village Planned for Upcoming Lucknow-Kanpur Expressway — NBM&CW, 4 जनवरी 2024
- Allotment of Plot: UP Integrated Manufacturing and Logistics Clusters — UPEIDA (आधिकारिक)
