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प्राधिकरण और विभाग

राजस्व विभाग: तहसील, लेखपाल, खतौनी, दाखिल-खारिज — कौन क्या करता है

गांव की ज़मीन का रिकॉर्ड — खसरा, खतौनी और नक्शा — राजस्व विभाग रखता है। जिले में इसके प्रमुख ज़िलाधिकारी (कलेक्टर) हैं, तहसील में SDM और तहसीलदार, और गांव के स्तर पर लेखपाल। खतौनी upbhulekh पर ऑनलाइन दिखती है, और राजस्व अदालतों के मुक़दमे RCCMS पोर्टल पर।

जानकारी जांची गई: | एससीआर टाइम्स

राजस्व विभाग ज़मीन का सरकारी रिकॉर्ड रखने वाला विभाग है। खेत या प्लॉट किसके नाम है (खतौनी), उसका नंबर और क्षेत्रफल क्या है (खसरा), और नक्शे में वह कहां है — ये सब इसी विभाग के रिकॉर्ड हैं। लखनऊ SCR के छहों जिलों में यह ढांचा एक जैसा है, क्योंकि पूरे प्रदेश में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 लागू है।1 रजिस्ट्री इस विभाग का काम नहीं है; वह स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के उप-निबंधक कार्यालय में होती है।

जिले से गांव तक: कौन क्या

राजस्व संहिता के मुताबिक़ ढांचा ऐसा है:1

स्तर अफ़सर संहिता में भूमिका
मंडल मंडलायुक्त (कमिश्नर) राजस्व अधिकारी और अपील सुनने वाली अदालत; जैसे SDM के सीमा विवाद वाले आदेश पर अपील (धारा 24)
जिला कलेक्टर (ज़िलाधिकारी) और अपर कलेक्टर सरकार हर जिले में एक कलेक्टर नियुक्त करती है, जिसके पास संहिता के तहत कलेक्टर की सारी शक्तियां होती हैं (धारा 12)
तहसील उप-ज़िलाधिकारी (SDM) सब-डिवीज़न का प्रभारी सहायक कलेक्टर; सीमा विवाद तय करना (धारा 24)
तहसील तहसीलदार, नायब तहसीलदार राजस्व अधिकारी; नामांतरण जैसे मामले
राजस्व निरीक्षक क्षेत्र राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) गांव के रिकॉर्ड की निगरानी, रखरखाव और सुधार (धारा 16)
लेखपाल क्षेत्र लेखपाल गांव के रिकॉर्ड तैयार करना, संभालना और सुधारना (धारा 16)

कलेक्टर तहसील के गांवों को लेखपाल क्षेत्रों में और लेखपाल क्षेत्रों को राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों में बांटता है।1 संहिता "राजस्व अदालत" में राजस्व परिषद और उसके सदस्यों से लेकर कमिश्नर, कलेक्टर, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार और नायब तहसीलदार तक को गिनती है।1 संहिता का पूरा पाठ राजस्व संहिता 2006 पेज पर है।

एक जिले का उदाहरण: रायबरेली जिले की आधिकारिक निर्देशिका में ज़िलाधिकारी, अपर ज़िलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), और सदर, डलमऊ, लालगंज, महराजगंज, सलोन व ऊंचाहार — छह तहसीलों के SDM और तहसीलदार दर्ज हैं।2 बाकी जिलों की तहसीलें SCR के जिले पेज पर हैं।

नागरिकों के काम: कहां जाएं

काम कौन करता है ऑनलाइन हमारी गाइड
खतौनी की नकल देखना राजस्व विभाग upbhulekh.gov.in (रियल टाइम खतौनी)3 खतौनी और खसरा
रजिस्ट्री या विरासत के बाद नाम चढ़ाना (दाखिल-खारिज) तहसीलदार upbhulekh पर तहसील नामांतरण लॉग-इन3 दाखिल-खारिज
गांव का नक्शा (भू-नक्शा) राजस्व विभाग upbhunaksha.gov.in (IGRS से लिंक)4 खतौनी और खसरा
मेड़ या सीमा विवाद, पैमाइश SDM (धारा 24)1 — —
खेत तक रास्ते या सिंचाई के रास्ते का विवाद तहसीलदार (धारा 25)1 — —
राजस्व मुक़दमे की स्थिति राजस्व अदालतें RCCMS (vaad.up.nic.in)5 —
आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र तहसील गाइड में देखें आय-जाति-निवास

भूलेख पोर्टल

upbhulekh.gov.in पर "रियल टाइम खतौनी" चलती है। पोर्टल पर राजस्व परिषद, जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, तहसील नामांतरण और तहसील रिपोर्ट के अलग-अलग लॉग-इन हैं।3 यानी नामांतरण का आदेश तहसील में होते ही रिकॉर्ड उसी सिस्टम में बदलता है। खतौनी कैसे पढ़ें, यह खतौनी गाइड में है।

RCCMS: राजस्व अदालतों का पोर्टल

राजस्व परिषद का Revenue Court Computerized Management System (RCCMS) नायब तहसीलदार की अदालत से लेकर राजस्व परिषद तक 3,073 राजस्व अदालतों को कवर करता है। इस पर लंबित और निपटे मुक़दमे, अगली तारीख़, कार्यवाही और आदेश ऑनलाइन दिखते हैं, ताकि तारीख़ जानने के लिए अदालत न जाना पड़े।5

पैमाइश और नाप

सीमा विवाद में SDM मौजूदा सर्वे नक्शे के आधार पर, और वह संभव न हो तो चकबंदी कानून के नक्शे के आधार पर फ़ैसला करते हैं। ज़रूरत हो तो वे ग़लत तरीके से बेदख़ल व्यक्ति को कब्ज़ा भी दिला सकते हैं।1 राजस्व रिकॉर्ड में क्षेत्रफल हेक्टेयर में होता है, जबकि बोलचाल में बीघा-बिस्वा चलता है। इकाई बदलने के लिए एरिया कन्वर्टर और बीघा पेज देखें।

शहर और गांव का फ़र्क

शहर में मकान के नक्शे और भू-उपयोग का फ़ैसला विकास प्राधिकरण करता है, और हाउस टैक्स का रिकॉर्ड नगर निकाय रखता है। गांव की खेती की ज़मीन का रिकॉर्ड राजस्व विभाग के पास रहता है। इसलिए एक ही प्लॉट के लिए तीन जगह नाम दर्ज होना पड़ सकता है: उप-निबंधक (रजिस्ट्री), तहसील (खतौनी) और नगर निकाय (हाउस टैक्स)। लखनऊ के लिए हाउस टैक्स वाला हिस्सा लखनऊ नगर निगम पेज पर है।

आपके लिए इसका मतलब

  • ज़मीन ख़रीदने से पहले: upbhulekh पर खतौनी देखें कि बेचने वाले का नाम दर्ज है और कोई देनदारी तो नहीं।
  • रजिस्ट्री के बाद: दाखिल-खारिज ज़रूर कराएं। जब तक खतौनी में आपका नाम नहीं चढ़ता, रिकॉर्ड में पुराना मालिक ही दिखेगा।
  • विवाद हो तो: सीमा विवाद SDM के पास, रास्ते का विवाद तहसीलदार के पास जाता है। मुक़दमे की तारीख़ RCCMS पर देखें।
  • SCR का असर: SCR का रीजनल प्लान ज़मीन के उपयोग की दिशा तय करेगा, पर मालिकाना हक़ का रिकॉर्ड राजस्व विभाग के पास ही रहेगा। SCR के बेस मैप पर सहमति देने वाले विभागों में राजस्व विभाग भी था।6

अधिकारी

राजस्व विभाग के अफ़सर हर जिले और तहसील में अलग हैं, और SCR के छह जिलों की एक आधिकारिक सूची किसी एक जगह प्रकाशित नहीं है। अपने ज़िलाधिकारी, अपर ज़िलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), SDM और तहसीलदार के दफ़्तर के नंबर अपने जिले की आधिकारिक NIC वेबसाइट की निर्देशिका में देखें — जैसे रायबरेली जिले की निर्देशिका।2

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लेखपाल का काम क्या है?
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 16 के मुताबिक़ कलेक्टर हर तहसील में लेखपाल नियुक्त करता है, जो गांव के रिकॉर्ड तैयार करते, संभालते और सुधारते हैं। गांवों को लेखपाल क्षेत्रों में और लेखपाल क्षेत्रों को राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों में बांटा जाता है।
खेत की मेड़ या सीमा का विवाद कौन सुलझाता है?
राजस्व संहिता की धारा 24 के तहत सीमा विवाद SDM मौजूदा सर्वे नक्शे के आधार पर तय करते हैं। आवेदन तहसील में होता है। आदेश से असंतुष्ट व्यक्ति मंडलायुक्त के यहां अपील कर सकता है।
राजस्व मुक़दमे की तारीख़ ऑनलाइन कैसे देखें?
राजस्व परिषद का RCCMS पोर्टल (vaad.up.nic.in) नायब तहसीलदार की अदालत से राजस्व परिषद तक 3,073 राजस्व अदालतों के मुक़दमों की स्थिति, अगली तारीख़ और आदेश ऑनलाइन दिखाता है।
खतौनी की नकल कहां मिलेगी?
upbhulekh.gov.in पर खतौनी की नकल देखी जा सकती है। देखने का पूरा तरीका खतौनी और खसरा गाइड में है। कानूनी काम के लिए प्रमाणित नकल तहसील या जन सेवा केंद्र से लें।