तहसील
सवायजपुर तहसील, हरदोई — आबादी, पाली कस्बा, हरपालपुर ब्लॉक और गर्रा नदी
सवायजपुर हरदोई जिले की सबसे ग्रामीण तहसील है। यहां की 96% से ज़्यादा आबादी गांवों में रहती है, और पूरी तहसील में सिर्फ़ एक कस्बा है — गर्रा नदी के किनारे बसा पाली।
जानकारी जांची गई:
सवायजपुर तहसील में 2011 की जनगणना के मुताबिक़ 4,83,668 लोग रहते थे।12 क्षेत्रफल 1,039 वर्ग किमी है, पर घनत्व सिर्फ़ 465 लोग प्रति वर्ग किमी — जो हरदोई जिले की तहसीलों में सबसे कम है।1 पूरी तहसील में एक ही कस्बा है, पाली।1
एक नज़र में (जनगणना 2011)
| क्या | जानकारी |
|---|---|
| आबादी | 4,83,668 — पुरुष 2,61,963, महिला 2,21,705 |
| परिवार (हाउसहोल्ड) | 82,147 |
| लिंगानुपात | 846 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष (जिले में सबसे कम) |
| 0–6 साल के बच्चे | 78,485 (16.23%) |
| अनुसूचित जाति | 15.88% |
| क्षेत्रफल | 1,039 वर्ग किमी |
| घनत्व | 465 लोग प्रति वर्ग किमी |
| गांव | 379 |
| शहरी आबादी | 18,708 (3.87%) — सिर्फ़ पाली नगर पंचायत |
स्रोत: जनगणना 2011 के तहसीलवार आंकड़े12।
साक्षरता: 7 साल से ऊपर की आबादी में 67.02% लोग साक्षर थे।2 कुल आबादी (बच्चों समेत) के पैमाने पर यह 56.14% है, जबकि पूरे जिले का इसी पैमाने का आंकड़ा 54.28% है।1
पाली: गर्रा किनारे का पुराना क़स्बा
पाली नगर पंचायत की आबादी 18,708 है (जनगणना 2011)।13 यह गर्रा नदी के दाहिने किनारे पर, हरदोई शहर से करीब 20 मील (लगभग 32 किमी) उत्तर-पश्चिम में बसा है।4
- पाली मुस्लिम दौर से परगने का मुख्यालय रहा, और अकबर के समय की ‘आईन-ए-अकबरी’ में भी दर्ज है।4
- अवध के नवाबों के समय यह सांडी-पाली चकले के नायब का मुख्यालय था। अंग्रेज़ों के दौर में यह दर्जा चला गया।4
- 20वीं सदी की शुरुआत में इसके पश्चिमी किनारे के आम के बाग़ जाने जाते थे।4
हरपालपुर ब्लॉक
हरपालपुर ब्लॉक का मुख्यालय इसी तहसील में है।5 ब्लॉक में 113 गांव हैं, और 2011 में इसकी आबादी 1,72,224 थी।5 हरपालपुर गांव सांडी के पश्चिम में फ़तेहगढ़ जाने वाली सड़क पर है। यहां हफ़्ते में दो बार बाज़ार लगता है।5
खेती और कमाई
तहसील के समतल खेतों में गेहूं, धान और गन्ना मुख्य फ़सलें हैं।2 हरपालपुर इलाक़े में गेहूं, धान और मक्का होता है।5 96% से ज़्यादा आबादी गांवों में रहती है, इसलिए यहां की कमाई का आधार खेती ही है।1
पास की जगहें
- सांडी पक्षी विहार: सांडी कस्बे के पास है, जो बिलग्राम तहसील में आता है। यह 2019 से रामसर आर्द्रभूमि स्थल है।6
- ज़िला मुख्यालय: हरदोई शहर, हरदोई जंक्शन और मेडिकल कॉलेज की जानकारी हरदोई सदर के पेज पर है।
आपके लिए इसका मतलब
- किसानों के लिए: खेती पर टिकी तहसील में ज़मीन के रिकॉर्ड सबसे काम की चीज़ हैं। खतौनी और दाख़िल-ख़ारिज की जानकारी समय पर देखते रहें।
- ज़मीन की नाप: बीघा-बिस्वा में बताई नाप को एरिया कन्वर्टर से एकड़ या वर्ग मीटर में बदलें। रजिस्ट्री का ख़र्च स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से जानें।
- बेटियों की गिनती: तहसील का लिंगानुपात जिले में सबसे कम है। अगली जनगणना में यह आंकड़ा कितना बदलता है, SCR Times इस पर नज़र रखेगा।
बाकी तहसीलें: हरदोई (सदर) | संडीला | शाहाबाद | बिलग्राम
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवायजपुर तहसील की आबादी कितनी है?
सवायजपुर तहसील में कौन सा कस्बा है?
हरपालपुर किस तहसील में है?
सवायजपुर में लिंगानुपात कितना है?
स्रोत
- Sawayajpur Tehsil Population 2011 — censusindia2011.com; ज़िला तालिका
- Sawayajpur tehsil — विकिपीडिया (जनगणना 2011 की ज़िला पुस्तिका पर आधारित)
- Hardoi district: कस्बों की सूची — विकिपीडिया
- Pali, Hardoi — विकिपीडिया (1904 के हरदोई गज़ेटियर पर आधारित)
- Harpalpur, Hardoi — विकिपीडिया (जनगणना 2011 की ज़िला पुस्तिका पर आधारित)
- Sandi Bird Sanctuary — रामसर साइट्स इन्फ़ॉर्मेशन सर्विस