तहसील

बिलग्राम तहसील, हरदोई — सांडी पक्षी विहार, मल्लावां, गंगा एक्सप्रेसवे और आबादी

बिलग्राम हरदोई जिले की दक्षिण-पश्चिमी तहसील है, जो गंगा के पास तक जाती है। रामसर स्थल सांडी पक्षी विहार और गंगा एक्सप्रेसवे के दो इंटरचेंज इसी तहसील में हैं।

जानकारी जांची गई:

बिलग्राम तहसील में 2011 की जनगणना के मुताबिक़ 6,65,752 लोग रहते थे।1 क्षेत्रफल 950 वर्ग किमी है, जो जिले की तहसीलों में सबसे कम है।1 फिर भी कस्बे सबसे ज़्यादा यहीं हैं — पांच। सांडी पक्षी विहार और गंगा एक्सप्रेसवे के दो इंटरचेंज भी इसी तहसील में हैं।23 पूरे जिले की जानकारी हरदोई जिले के पेज पर है।

एक नज़र में (जनगणना 2011)

क्या जानकारी
आबादी 6,65,752 — पुरुष 3,55,238, महिला 3,10,514
परिवार (हाउसहोल्ड) 1,13,287
लिंगानुपात 874 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष
0–6 साल के बच्चे 1,01,408 (15.23%)
अनुसूचित जाति 22.29%
क्षेत्रफल 950 वर्ग किमी
घनत्व 701 लोग प्रति वर्ग किमी
गांव 356
शहरी आबादी 1,10,137 (16.54%)

स्रोत: जनगणना 2011 के तहसीलवार आंकड़े।1

साक्षरता: कुल आबादी में 57.08% लोग साक्षर थे (पुरुष 65.23%, महिला 47.75%)।1 यह पैमाना 0–6 साल के बच्चों को भी गिनता है। इसी पैमाने पर पूरे जिले का आंकड़ा 54.28% है, और बिलग्राम पांचों तहसीलों में सबसे आगे है।1

कस्बे

कस्बा दर्जा आबादी (2011)
मल्लावां नगर पालिका परिषद 36,915
बिलग्राम नगर पालिका परिषद 29,768
सांडी नगर पालिका परिषद 26,007
माधौगंज नगर पंचायत 11,523
कुरसथ नगर पंचायत 5,924

स्रोत: जनगणना 2011।14 बिलग्राम और माधौगंज ब्लॉक मुख्यालय भी हैं।56

  • मल्लावां: अवध पर अंग्रेज़ों के क़ब्ज़े (1856) के बाद ज़िले का मुख्यालय यहीं बना था। 1857 के बाद इसे हरदोई ले जाया गया।47 मल्लावां हरदोई से करीब 47 किमी दक्षिण-पूर्व और लखनऊ से करीब 92 किमी है।7
  • बिलग्राम: हरदोई शहर से करीब 26–27 किमी दक्षिण में, एक ऊंचे टीले पर बसा है जो कभी गंगा का पूर्वी किनारा था।5
  • माधौगंज: रुदामऊ गांव के बाज़ार से बना कस्बा; यहां की नगर पालिका 1872 में बनी थी।6

हथकरघा: ज़िले के ODOP का केंद्र

एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना में हरदोई का उत्पाद हथकरघा और टेक्सटाइल है।8 मल्लावां और आसपास के बुनकर लुंगी, तौलिया, चादर, शॉल और रज़ाई के कवर बनाते हैं। ख़रीदार दिल्ली, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज से आते हैं, और कुछ माल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी तक जाता है।9 MSME विकास संस्थान की 2012 की प्रोफ़ाइल में बिलग्राम का सरकारी इंडस्ट्रियल एस्टेट भी दर्ज है, जिसमें 49 प्लॉट थे।10

सांडी पक्षी विहार

  • दर्जा: 26 सितंबर 2019 से अंतरराष्ट्रीय महत्व का रामसर आर्द्रभूमि स्थल (साइट नंबर 2409)।2
  • आकार और जगह: 308.5 हेक्टेयर; सांडी कस्बे से करीब 1 किमी, हरदोई से 19 किमी, लखनऊ से 129 किमी।2
  • पक्षी: 2018 में यहां 40,000 से ज़्यादा जलपक्षी गिने गए। करीब 200 सारस यहां रहते हैं।2
  • कब जाएं: प्रवासी पक्षी नवंबर से आने लगते हैं; दिसंबर से फ़रवरी सबसे अच्छा समय है। पास से गर्रा नदी बहती है, और झील का पुराना नाम दहर झील है।11

कैसे पहुंचें

  • गंगा एक्सप्रेसवे: मेरठ–प्रयागराज एक्सप्रेसवे हरदोई जिले में सांडी और बिलग्राम के इलाक़े से गुज़रता है।12 तहसील में इसके दो इंटरचेंज हैं: कन्नौज–हरदोई रोड (SH-21) पर, और मेहंदीघाट–संडीला रोड (SH-137) पर मल्लावां गांव में।3 प्रोजेक्ट की स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर देखें।
  • सड़क: NH-330D सीतापुर से हरदोई और बिलग्राम होकर कन्नौज जाता है।13

इतिहास

17 मई 1540 को शेरशाह सूरी ने हुमायूं को कन्नौज की लड़ाई में हराया था। यह लड़ाई बिलग्राम के पास हुई थी, इसलिए इसे ‘बिलग्राम की लड़ाई’ भी कहते हैं।14 रेल यहां 20वीं सदी की शुरुआत में पहुंची: माधौगंज 1903 में बालामऊ से जुड़ा, और 1909 में बिलग्राम होते हुए सांडी तक लाइन बनी।6 बिलग्राम अरबी-फ़ारसी विद्वानों के लिए भी जाना गया; 18वीं सदी के विद्वान आज़ाद बिलग्रामी (1704–1786) यहीं के थे।5

आपके लिए इसका मतलब

  • आने-जाने वालों के लिए: जिले के तीन में से दो एक्सप्रेसवे इंटरचेंज यहीं हैं। मेरठ या प्रयागराज जाने के लिए अब हाईवे के साथ एक्सप्रेसवे का विकल्प भी पास में है।
  • बुनकरों के लिए: ODOP की स्कीमें — कॉमन फ़ैसिलिटी सेंटर, मार्केटिंग सहायता, वित्तीय सहायता, ट्रेनिंग और टूलकिट — हथकरघा इकाइयों के लिए हैं।8
  • ज़मीन के काग़ज़: बीघा-बिस्वा की नाप एरिया कन्वर्टर से बदलें, और रजिस्ट्री का ख़र्च स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से जानें। एक्सप्रेसवे के पास के किसी इलाके के बारे में बड़े दावों पर भरोसा करने से पहले SCR का अंतिम रीजनल प्लान देखें।

बाकी तहसीलें: हरदोई (सदर) | संडीला | शाहाबाद | सवायजपुर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सांडी पक्षी विहार किस तहसील में है?
सांडी पक्षी विहार हरदोई जिले की बिलग्राम तहसील में है। यह सांडी कस्बे से करीब 1 किमी और हरदोई शहर से 19 किमी दूर है। 2019 से यह रामसर आर्द्रभूमि स्थल है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर बिलग्राम में इंटरचेंज कहां हैं?
बिलग्राम तहसील में दो इंटरचेंज हैं: कन्नौज–हरदोई रोड (SH-21) पर, और मेहंदीघाट–संडीला रोड (SH-137) पर मल्लावां गांव में।
बिलग्राम तहसील में कितने कस्बे हैं?
जनगणना 2011 के मुताबिक़ पांच: मल्लावां, बिलग्राम और सांडी (नगर पालिका परिषद), और माधौगंज व कुरसथ (नगर पंचायत)। जिले की किसी और तहसील में इतने कस्बे नहीं हैं।
मल्लावां किस लिए जाना जाता है?
मल्लावां हथकरघा बुनाई का बड़ा केंद्र है, और हरदोई का ODOP उत्पाद भी हथकरघा ही है। 1856 में अंग्रेज़ों ने ज़िले का पहला मुख्यालय मल्लावां में ही बनाया था।
बिलग्राम से हरदोई कितनी दूर है?
बिलग्राम कस्बा हरदोई शहर से करीब 26–27 किमी दक्षिण में है। NH-330D हरदोई को बिलग्राम होते हुए कन्नौज से जोड़ता है।