तहसील
शाहाबाद तहसील, हरदोई — आबादी, पिहानी, दिलेर ख़ान का शहर और गंगा एक्सप्रेसवे
शाहाबाद हरदोई जिले के उत्तर-पश्चिम की तहसील है, जहां प्रति वर्ग किमी सबसे ज़्यादा लोग रहते हैं। इसके दोनों कस्बे — शाहाबाद और पिहानी — मुग़ल दौर की इमारतों के लिए जाने जाते हैं।
जानकारी जांची गई:
शाहाबाद तहसील में 2011 की जनगणना के मुताबिक़ 7,61,209 लोग रहते थे।1 क्षेत्रफल 970 वर्ग किमी है, और घनत्व 785 लोग प्रति वर्ग किमी — जो हरदोई जिले की पांचों तहसीलों में सबसे ज़्यादा है।1 तहसील में दो कस्बे हैं: शाहाबाद और पिहानी।1
एक नज़र में (जनगणना 2011)
| क्या | जानकारी |
|---|---|
| आबादी | 7,61,209 — पुरुष 4,07,140, महिला 3,54,069 |
| परिवार (हाउसहोल्ड) | 1,34,640 |
| लिंगानुपात | 870 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष |
| 0–6 साल के बच्चे | 1,24,367 (16.34%) |
| अनुसूचित जाति | 26.98% |
| क्षेत्रफल | 970 वर्ग किमी |
| घनत्व | 785 लोग प्रति वर्ग किमी |
| गांव | 457 |
| शहरी आबादी | 1,16,240 (15.27%) |
| नगर निकाय | शाहाबाद और पिहानी (दोनों नगर पालिका परिषद) |
स्रोत: जनगणना 2011 के तहसीलवार आंकड़े1 और जिले की कस्बा सूची2।
साक्षरता: कुल आबादी में 52.53% लोग साक्षर थे (पुरुष 61.11%, महिला 42.65%)।1 यह पैमाना 0–6 साल के बच्चों को भी गिनता है। इसी पैमाने पर पूरे जिले का आंकड़ा 54.28% है।1
ब्लॉक
इस तहसील में शाहाबाद, पिहानी और टोडरपुर ब्लॉक आते हैं।345 टोडरपुर ब्लॉक में 115 गांव हैं।5 शाहाबाद ब्लॉक में 170 गांव दर्ज हैं।3
शाहाबाद: दिलेर ख़ान का शहर
शाहाबाद नगर पालिका की आबादी 80,226 है (जनगणना 2011)।3 आज का शहर 1677 में नवाब दिलेर ख़ान ने बसाया था। वे मुग़ल सेना में पठान अफ़सर थे और शाहजहांपुर का विद्रोह दबाने भेजे गए थे।3 उन्होंने अपने रिश्तेदारों और सैनिकों को यहां बसाया, इसलिए कई मोहल्लों के नाम उनके साथियों पर हैं।3
देखने लायक़ जगहें:3
- दिलेर ख़ान का मक़बरा: कंकर के पत्थरों से बना, ऊपरी मंज़िल पर लाल पत्थर की सजावट।
- जामा मस्जिद: दिलेर ख़ान की बनवाई, तराशे कंकर पत्थरों की।
- बड़ी ड्योढ़ी: शहर के बीच दिलेर ख़ान का महल था; महल नहीं बचा, पर उसके दो बड़े दरवाज़े खड़े हैं।
- नर्बदा: मक़बरे के पास का बड़ा तालाब।
शाहाबाद में क़ालीन बुनाई, निर्माण सामग्री और दूध से बने उत्पादों का काम होता है।3
पिहानी: सद्र-ए-जहां का मक़बरा
पिहानी नगर पालिका की आबादी 36,014 है (जनगणना 2011)।4 यहां अकबर के मंत्री नवाब सद्र-ए-जहां का मक़बरा है। इसका दोहरा गुंबद लाल पत्थर के खंभों पर टिका है।4 निज़ाम मुर्तज़ा ख़ान के पुराने क़िले का पश्चिमी दरवाज़ा भी बचा है।4
अवध के नवाबों के दौर में पिहानी तलवार की धार और बुनी हुई पगड़ियों के लिए जाना जाता था।4 अब यहां गुड़ और क़ालीन बुनाई मुख्य काम हैं।4 हरदोई, लखनऊ, कानपुर और दिल्ली के लिए यहां से सरकारी और निजी बसें चलती हैं।4
कैसे पहुंचें
- गंगा एक्सप्रेसवे: हरदोई जिले के तीन इंटरचेंज में से एक फ़र्रुख़ाबाद–शाहाबाद रोड (SH-138) पर है।6 मेरठ की ओर जाने वालों के लिए यह नया रास्ता है। प्रोजेक्ट की स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर देखें।
- ज़िला मुख्यालय: हरदोई शहर और हरदोई जंक्शन की जानकारी हरदोई सदर तहसील के पेज पर है।
आपके लिए इसका मतलब
- कारीगरों के लिए: शाहाबाद और पिहानी, दोनों जगह क़ालीन बुनाई का काम होता है। जिले का ODOP उत्पाद हथकरघा है, इसलिए बुनाई से जुड़ी स्कीमों की जानकारी हरदोई जिले के पेज पर देखें।
- ज़मीन के काग़ज़: गांवों में नाप अब भी बीघा-बिस्वा में बताई जाती है। इसे एरिया कन्वर्टर से बदलें, और रजिस्ट्री ख़र्च स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से देखें।
- घूमने वालों के लिए: दिलेर ख़ान का मक़बरा और सद्र-ए-जहां का मक़बरा, दोनों 17वीं सदी के मुग़ल दौर की याद हैं। जिले की बाकी जगहें, जैसे सांडी पक्षी विहार, बिलग्राम तहसील में हैं।
बाकी तहसीलें: हरदोई (सदर) | संडीला | बिलग्राम | सवायजपुर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शाहाबाद तहसील की आबादी कितनी है?
शाहाबाद शहर किसने बसाया?
पिहानी किस तहसील में है?
शाहाबाद के पास गंगा एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज है?
स्रोत
- Shahabad Tehsil Population 2011 — censusindia2011.com; ज़िला तालिका
- Hardoi district: कस्बों की सूची — विकिपीडिया
- Shahabad, Hardoi — विकिपीडिया (जनगणना 2011 और 1904 के हरदोई गज़ेटियर पर आधारित)
- Pihani — विकिपीडिया (जनगणना 2011 और 1904 के हरदोई गज़ेटियर पर आधारित)
- Todarpur, Hardoi — विकिपीडिया
- गंगा एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज — आजतक, 28 अप्रैल 2026